इस कार्यक्रम का आयोजन हिन्दू सम्मेलन समिति, अखाड़ा बाजार द्वारा किया गया था। शोभायात्रा के उपरान्त जंज घर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ, जिसमें भक्ति संगीत और पारंपरिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। इसके बाद सामूहिक प्रीतिभोज का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने एक साथ बैठकर भोजन ग्रहण किया, जिससे आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता का भाव और अधिक प्रबल हुआ।
आयोजकों के अनुसार, श्री राम मन्दिर ध्वजारोहण का धार्मिक और प्रतीकात्मक महत्व अत्यंत गहरा है। उत्तर भारत के अनेक क्षेत्रों में यह परम्परा प्रतिवर्ष निभाई जाती है। मन्दिर के शिखर पर केसरिया ध्वज फहराना धर्म की स्थापना, सत्य की विजय और आस्था की दृढ़ता का प्रतीक माना जाता है। यह ध्वज मन्दिर को समाज के लिए आध्यात्मिक मार्गदर्शन के केन्द्र के रूप में भी प्रतिष्ठित करता है।
राष्ट्रीय स्तर पर अयोध्या स्थित श्री राम मन्दिर का महत्व 22 जनवरी 2024 को सम्पन्न प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद और अधिक बढ़ गया है। इसके पश्चात देशभर में ध्वजारोहण जैसे धार्मिक आयोजनों को भगवान श्रीराम के आदर्शों—सत्य, त्याग और न्याय—से प्रेरित होकर विशेष श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है।
आयोजकों ने बताया कि ऐसे धार्मिक आयोजन न केवल आस्था के उत्सव हैं, बल्कि युवा पीढ़ी तक सांस्कृतिक मूल्यों को पहुँचाने का माध्यम भी हैं। अखाड़ा बाजार में सफलतापूर्वक सम्पन्न यह आयोजन अनुशासन, भक्ति और जनसहभागिता का सशक्त उदाहरण रहा।














