छोटाभंगाल तथा चौहार घाटी के उभरते हुए पर्यटन स्थलों में अन्य राज्यों से पर्यटकों की आवाजाही शुरू

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सुरभि न्यूज़ 

ख़ुशी राम ठाकुर, बरोट

छोटाभंगाल तथा चौहार घाटी में उभरते हुए पर्यटन स्थल मुल्थान तथा बरोट में गर्मी आने से पहले ही अन्य राज्यों से पर्यटकों की आवाजाही शुरू हो गई है। इस बर्ष सर्दी के मौसम में पहाड़ी क्षेत्रों में कम बर्फवारी होने से सुबह – शाम प्रचंड ठण्ड तथा दिन में तेज़ गर्मी होने से पर्यटकों ने मुल्थान व बरोट में आना शुरू कर दिया है।

जानकारी के अनुसार लगभग एक सप्ताह में अबतक यहाँ 40 से 50 प्रतिशत पर्यटक पहुँच गए हैं। मुल्थान व बरोट क्षेत्र में स्थित होम स्टे, गेस्ट हाउसों व रेस्ट हाउसों तथा सरकारी व गैरसरकारी होटलों में बुकिंग शुरू हो गई है। सरकार सुन्दर घाटियों को पर्यटन के लिहाज़ से विकसित करने के लिए कोई भी दिलचस्पी नहीं दिखाई गई है मगर इन घाटियों के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बरोट, मुल्थान, राजगुंधा, पलाचक, पनिहारटू, झटिंगरी तथा फुलाधार में देश – विदेशों से आने वाले सभी पर्यटकों की पंसदीदा स्थल बन गए है।

आजकल यहाँ आने वाले पर्यटक गर्मी से निजात पाने के लिए उहल व लंबाडग नदियों के किनारे घंटो बैठकर ठंडी – ठंडी फिजाओं का भरपूर आनंद उठा रहे हैं। वहीँ बरोट में स्थित दुर्गा माता मंदिर के समीप पंजाब राज्य बिजली बोर्ड द्वारा निर्मित पानी के फवारे से पर्यटक बेहद रोमांचित हो रहे है। पर्यटक फवारे के गिरने वाली ठंडी पानी की बुछारों से भीगकर खूब मस्ती करते हुए दिखाई दिए।

सभी पर्यटक इन दोनों घाटियों की प्राकृतिक सुन्दरता का भरपूर आनंद उठाने के साथ चौहार घाटी के लपास पंचायत रूलिंग नाला तथा छोटाभंगाल घाटी की कोठी कोहड़, जीरो प्वाइंट तथा लोआई गाँव के समीप प्राकृतिक तौर से बने जल प्रवातों व बरोट में पंजाब राज्य बिजली बोर्ड द्वारा कृतिम तौर से बनाए गए बड़े तीन जलाशयों को देखकर सभी पर्यटक बेहद रोमांचित हो रहे हैं।

शनिवार के दिन यहाँ घूमने आए पंजाब के परमजीत कौर, पविन्द्र कौर तथा लखविन्द्र सिंह ने बताया कि वे यहाँ गत कई वर्षों से बरोट क्षेत्र में घुमने के लिए आ रहे हैं क्योंकि यहाँ की मनमोहक वादियाँ बार – बार ही आने को मजबूर करती है।

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