सुरभि न्यूज़
कुल्लू, 02 अप्रैल
भारतीय जनता पार्टी जिला कुल्लू अध्यक्ष अमित सूद ने कांग्रेस पार्टी पर बड़ा जुबानी हमला करते हुए कहा कि पंचायती राज चुनावों से लगातार भाग रही कांग्रेस सरकार अपनी संभावित हार को लगभग मान चुकी है और इन्हें टालने के लिए नए नए हथकंडे अपना रही है। उन्होंने कहा कि आने वाले पंचायती राज चुनाव वर्तमान कांग्रेस सरकार के लिए उनकी कारगुज़ारी का आईना होंगे और 2027 में होने वाले चुनावों की रूपरेखा तैयार करेंगे।
उन्होंने सरकार की नीयत पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करते हुए कहा कि दिसंबर 2026 में होने वाले चुनावों को प्रदेश सरकार अपनी गलत राजनीतिक मंशा के कारण चार महीने तक टालती रही है। उन्होंने कहा की उच्च न्यायालय ने सरकार को पंचायती राज चुनावों को अप्रैल में सम्पन्न करवाने के आदेश दिए थे परन्तु कांग्रेस सरकार इसके खिलाफ उच्चतम न्यायालय में गई। उच्चतम न्यायालय ने भी सरकार को आईना दिखाते हुए इन चुनावों को मई में करवाने के आदेश पारित किए हैं।
पंचायतें प्रदेश के आधारभूत विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और भारी केंद्रीय मदद इन संस्थाओं को मिलती है, पंचायती राज चुनावों को टालने से सरकार की मंशा पंचायती राज संस्थाओं को मिलने वाली केंद्रीय आर्थिक मदद का दुरुपयोग करना भी है, अन्यथा न्यायालय के आदेश के बाद भी चुनाव टालने के लिए सरकार का प्रयासरत रहना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जानती है की चुनाव पूर्व दी गई दस गारंटियों ने अगर सबसे ज्यादा किसी को ठगा है तो वह प्रदेश का ग्रामीण क्षेत्र है और ग्रामीण जनता प्रदेश सरकार को सबक सिखाने के इन चुनावों का बेसब्री से इंतजार कर रही है।
उन्होंने सरकार द्वारा जिलाधीशों को 5 % आरक्षण करने की शक्ति देने को बहुत बड़ा षडयंत्र करार देते हुए कहा की मुख्यमंत्री द्वारा इस प्रकार का निर्णय प्रदेश की जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ है और लोकतांत्रिक परंपराओं में सीधा हस्तक्षेप है।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले लगभग साढ़े तीन वर्षों के कार्यकाल में कांग्रेस सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं को कमजोर करने के अलावा कुछ नहीं किया और पिछले कुछ वर्षों से हो रही भयंकर बारिश के कारण सबसे ज्यादा नुकसान भी ग्रामीण क्षेत्रों में हुआ है परन्तु केंद्र सरकार द्वारा भारी आर्थिक मदद के बावजूद प्रदेश सरकार अभी तक ग्रामीण क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने में असफल रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को बाधित करना संविधान का खुला उल्लंघन है जिसकी जितनी निंदा की जाए वह कम है।











