सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, कुल्लू : 04 अप्रैल
सूत्रधार कला संगम कुल्लू द्वारा स्व० लाल चन्द प्रार्थी की 110वीं जयंती के उपलक्ष्य पर सूत्रधार भवन के सभागार में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार शिक्षा विद तथा कला संस्कृति संरक्षक एवं निदेशक, भारत भारती शिक्षा संस्थान, ढालपुर कुल्लू डॉ० निरंजन देव शर्मा ने अपनी धर्मपत्नी प्रतिमा शर्मा सहित बतौर मुख्तातिथि के रूप में शिरकत की।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं स्व० लाल चन्द प्रार्थी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। संस्था द्वारा मुख्यातिथि व उनकी धर्मपत्नी को कुल्लवी परम्परा अनुसार शाल, टोपी व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने लोकगीत, फिल्म गीत तथा ग़ज़लों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिसमें अमीशा सेन, रिया, सुशीला, सनी, धनवंती, कादम्बिनी शर्मा, शुभम, अनुष्का, विजय, करिश्मा, कृष्णा शर्मा, डिम्पल, अर्पिता, संजय पुजारी, जीवन बुडाल तथा धर्मेन्द्र शर्मा ने अपनी गायकी की उत्कृष्ट प्रस्तुतियां दी। रेखा ने “लो आ गई फिर उनकी याद” पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर समा बांध दिया। इन प्रस्तुतियों में तबले पर पं० विद्या सागर, बांसुरी पर निशांत गौतम, हारमोनियम पर संजय पुजारी तथा गिटार पर विजय ने उत्कृष्ट संगत दी ।
कार्यक्रम के स्वागत भाषण में संस्था अध्यक्ष दिनेश सेन ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि स्व० लाल चन्द प्रार्थी सिर्फ राजनीति के क्षेत्र में कुशल नहीं बल्कि उनके अंदर साहित्यकार, कवि और गीत-संगीत का हुनर भी भरा हुआ था। इन्होने हिमाचल प्रदेश की भाषा, कला एवं संस्कृति के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान दिया। भाषा एवं संस्कृति विभाग तथा भाषा अकादमी की स्थापना, कुल्लू दशहरा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना तथा मुक्ताकाश कला केंद्र की स्थापना उनके अथक प्रयासों का परिणाम है। उत्कृष्ठ योगदान के लिए उन्हें “चाँद कुल्लुवी” के नाम से भी जाना जाता है।
इस अवसर पर मुखातिथि डॉ० निरंजन देव शर्मा ने भी कला, संस्कृति के संरक्षण व संबर्धन के साथ समाज सेवा में किये जा रहे संस्था के प्रयासों की भूरी-भरी प्रशंसा की। इन्होने अपने बचपन की लाल चन्द प्रार्थी की स्मृतियों को साँझा किया तथा उस युग पुरुष को उनकी महान कृति “कुलुत देश की कहानी” के कुछ अंश तथा उनके शेयरों को भी अपने उद्बोधन में साँझा कर उस महान शख्सियत को श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने कहा कि सूत्रधार कला संगम द्वारा निरंतर पांच दशकों से युवा शक्ति को कला संस्कृति के माध्यम से जोड़ कर उन्हें सृजनात्मक कार्यों में संलिप्त किया गया है ताकि वे कला-निपुण होने के साथ-साथ समाज में व्याप्त दुर्व्यसनों से भी बचे रहें। डॉ० निरंजन देव शर्मा ने विश्व पुस्तक मेले 2026 में हाथों-हाथ बिकी चर्चित उपन्यास “बाज़ार” की एक प्रति अध्यक्ष सूत्रधार को भेंट की।
इस सम्पूर्ण कार्यक्रम का मंच संचालन सुंदर श्याम महंत द्वारा बखूभी निभाया गया। कार्यक्रम में स्व० लाल चन्द प्रार्थी के सुपौत्र अनुराग प्रार्थी ने भी अपने सम्बोधन में उनकी स्मृतियों को साँझा किया ।
इस अवसर पर इनके सुपौत्र अनुराग प्रार्थी तथा उनके दौते सुधीर गौतम के अलावा, अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष संजीव भारद्वाज, समन्वयक जिला रेड क्रोस सोसाइटी कुल्लू चन्द्र केश शर्मा, व्यापार मण्डल अध्यक्ष मदन लाल सूद, वरिष्ठ नागरिक ललित सूद, समाजसेवी भुवनेश्वर शर्मा, सूत्रधार कला संगम कुल्लू के संरक्षक मण्डल सदस्य राजेन्द्र सूद, उपाध्यक्ष कंवर वीरेंद्र सिंह, महासचिव अतुल गुप्ता, वित्त सचिव जोंगेंद्र ठाकुर, भण्डार प्रभारी तिलक राज चौधरी, सचिव मंजुलता शर्मा, यशोदा शर्मा व हितेश गोगी, लोकनृत्य प्रभारी सीमा शर्मा, प्रचार-प्रसार प्रभारी सुंदर श्याम व सहप्रभारी धर्मेन्द्र शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य सुबोध सूद, प्राचार्य संगीत अकादमी पं० विद्या सागर, निशांत गौतम, जीवन बुडाल, सनी, संजय पुजारी तथा प्रबंधक उत्तम चन्द सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।













