सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, शिमला /कुल्लू
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों के चलते 26, 28 और 30 मई को तीन दिन होने वाले लोकतंत्र के उत्सव के अवसर पर अवकाश रहेगा। इन तीनों दिनों में प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालय, बोर्ड, निगम, शैक्षणिक संस्थान और औद्योगिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहेंगे। इतना ही नहीं, औद्योगिक विवाद अधिनियम के अंतर्गत आने वाले प्रतिष्ठान और संबंधित क्षेत्रों में स्थित दुकानें एवं वाणिज्यिक संस्थान भी इस आदेश के दायरे में आएंगे। खास बात यह है कि यह अवकाश केवल नियमित कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों पर भी समान रूप से लागू होगा।
हिमाचल के ग्रामीण इलाकों में लोकतंत्र का उत्सव इस बार तीन अलग-अलग दिनों में अपने पूरे रंग में नजर आएगा। पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों के चयन के लिए 26, 28 और 30 मई को मतदान होगा, जहां मतदाता अपने अधिकार का प्रयोग कर स्थानीय नेतृत्व तय करेंगे। इस लोकतांत्रिक महापर्व को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है।
मुख्य सचिव की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार इन तीन मतदान दिनों पर राज्य के कर्मचारियों को वेतन सहित अवकाश दिया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग मतदान में भाग ले सकें। प्रथम, द्वितीय और तृतीय चरण के मतदान के लिए पूरे हिमाचल प्रदेश में सवेतन अवकाश (Paid Holiday) घोषित किया है।
सरकार ने इस अवकाश को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट, 1881 की धारा 25 के तहत भी मान्यता दी है। हालांकि, इस पूरे कार्यक्रम में एक दिलचस्प अपवाद भी सामने आया है। जिला कुल्लू के विकास खंड नग्गर की ग्राम पंचायत करजन और सोयल और विकास खंड आनी की ग्राम पंचायत जबान और नामहोग में यह चुनाव कार्यक्रम लागू नहीं होगा। यानी इन क्षेत्रों में सामान्य गतिविधियां प्रभावित नहीं होंगी।














