उपमंडलाधिकारी (नागरिक)केलांग कुनिका एकर्स की अध्यक्षता में आज प्री-मानसून तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें एसडीएम उदयपुर अलीशा चौहान एवं तहसीलदार काज़ा ने ऑनलाइन से इस बैठक में भाग लिया। बैठक का उद्देश्य आगामी मानसून सीजन के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु जिला स्तर पर समन्वित एवं सुदृढ़ तैयारियां सुनिश्चित करना रहा।
बैठक में एसडीएम केलांग ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि मानसून से पूर्व संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान, राहत एवं बचाव संसाधनों की उपलब्धता तथा विभागीय समन्वय को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि लाहौल-स्पीति जैसे जनजातीय एवं भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील जिले में समयपूर्व तैयारियां अत्यंत आवश्यक हैं, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में एसडीआरएफ, एनडीआरएफ एवं एसडीएमएफ के तहत उपलब्ध निधियों, चल रहे कार्यों की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति तथा उपयोगिता प्रमाण पत्रों की समीक्षा की गई। साथ ही अतिरिक्त वित्तीय सहायता हेतु नए प्रस्ताव तैयार करने और लंबित कार्यों में तेजी लाने पर भी चर्चा हुई।
संभावित सूखा प्रभावित क्षेत्रों की पहचान करने तथा कृषि एवं बागवानी विभाग को आवश्यक निवारक उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं, एचपीडीआरआर परियोजनाओं की प्रगति एवं विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे आपदा न्यूनीकरण कार्यों की भी समीक्षा की गई।
इसके अतिरिक्त राहत शिविरों के लिए भूमि चिन्हित करने के निर्देश जारी किए गए। इसके अतिरिक्त भू-स्खलन संभावित स्थलों पर भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) की रिपोर्ट के आधार पर जोखिम न्यूनीकरण उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई तथा एसडीएमएफ एवं राष्ट्रीय भूस्खलन जोखिम न्यूनीकरण कार्यक्रम के तहत प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया।
एसडीएम कुनिका एकर्स ने केलांग के सभी विभागों को अपने-अपने स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त करने तथा नियमित रूप से तैयारियों की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उपमंडल स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित करने एवं आपातकालीन संपर्क प्रणाली को सक्रिय रखने पर भी बल दिया गया।बैठक में आवश्यक खाद्य सामग्री, एलपीजी, पेट्रोल एवं डीजल का अग्रिम भंडारण सुनिश्चित करने, संवेदनशील क्षेत्रों में राशन उपलब्ध रखने तथा जमाखोरी एवं कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
लोक निर्माण विभाग, पंचायती राज संस्थाओं एवं ग्रामीण विकास विभाग को नालों, नालियों, पुलियों एवं जल निकासी चैनलों की सफाई करने को कहा गया, विशेषकर बाढ़ संभावित क्षेत्रों में। साथ ही विभिन्न पंचायतों में स्वयंसेवकों की पहचान एवं आपदा प्रतिक्रिया योजनाएं तैयार करने के निर्देश भी जारी किए गए।
बैठक में भारतीय मौसम विभाग से प्राप्त चेतावनियों के त्वरित प्रसार, सचेत , दामिनी एवं मौसम मोबाइल एप के व्यापक उपयोग तथा लोगों को जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया।
इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग को उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, आवश्यक दवाइयों एवं आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, जबकि पुलिस एवं वन विभाग को संवेदनशील स्थलों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
एसडीएम केलांग ने कहा कि मानसून अवधि के दौरान सभी विभाग पूर्ण सतर्कता एवं समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके। इस बैठक में इंद्रजीत सीरा वन मंडलाधिकारि डीएसपी रश्मि शर्मा, अजय गुप्ता अधिशाषि अभियंता जल शक्ति विभाग, अश्वनी कुमार गुलेरिया अधिशाषि अभियंता लोक निर्माण विभाग ,उप निदेशक पाशुपालन डॉ सुदर्शन, उप निदेशक बागवानी मिनाक्षी शर्मा, जिला आयुष अधिकारी डॉ नताशा ठाकुर, अंचित शर्मा एचआरटीसी, सन्नी जीएम डीआईसी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।



















