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छोटाभंगाल तथा चौहार घाटी के समस्त लोगों की जोरदार मांग पर दोनों घाटियों के केंद्र स्थल मुल्थान में बैजनाथ के विधायक
किशोरी लाल के अथक प्रयासों व तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की बदौलत से महाविद्यालय मुल्थान को वर्ष 2016 में स्थापित
किया गया है इस महाविद्यालय मुल्थान को स्थापित करने के शुरूआती वर्ष के लगभग छः – सात माह तक प्राचार्य का पद भरा रहा
हैं मगर प्रधानाचार्य का तबादला हो जाने के बाद अब तक प्रदेश सरकार प्राचार्य के यह पद नहीं भरा गया बाकि अन्य विषयों के
लगभग सभी प्रोफेसरों के पद भरे हुए थे जिस कारण इन दुर्गम घाटियों के बच्चों की संख्या शुरूआती वर्ष से लेकर वर्ष 2024 डेढ़ सौ
से अधिक रही है उनमें से छात्राओं की संख्या भारी रही हैं । मगर सरकार द्वारा इस महाविद्यालय में खाली पदों को अबतक न भरे
जाने के चलते गत वर्ष बच्चों की संख्या कम हो गई इस महाविद्यालय में स्टाफ की कमी के चलते अपने बच्चों का भविष्य
अन्धकारमय न होने की वजह से अपने बच्चों को दूरदराज़ क्षेत्रों के महाविद्यालयों में मज़बूरन दाखिला लेना जरूरी समझा । प्रदेश
सरकार की नाकामी के कारण इस महाविद्यालय में पढने वाले बच्चों की संख्या कम होती गई । कम बच्चे रह जाने के चलते
सरकार द्वारा गत वर्ष से ही इस महाविद्यालय को दूसरे महाविद्यालयों में मर्ज़ करने का राग अलापना शुरू कर दिया उसका कड़ा
विरोध करते हुए यहाँ के स्थानीत पंचायत प्रतिनिधियों सहित घाटियों के शिष्टमंडल स्थानीय विधायक , प्रदेश के शिक्षा मन्त्री जहां
तक कि मुख्यमंत्री से कई बार मिले व कई बार प्रस्ताव पारित किए गए मगर उसके बावजूद भी सरकार दुर्गम घाटी में खुले इस
महाविद्यालय को मर्ज़ करने के लिए पूरी तरह से तुली हुई है जो कि बेहद अन्याय ही किया जा रहा है । घाटियों के नवनिर्वाचित
जिला परिषद सदस्य रामलाल , बीडीसी सदस्य संजय ठाकुर , हेमलता सहित नव निर्वाचित पंचायत प्रधान राजिन्द्र कुमार , हिम्मत
कुमार , रेखा देवी , सुरेन्द्र कुमार आदि ने प्रदेश के बैजनाथ के विधायक किशोरी लाल, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर तथा मुख्यमंत्री
सुखविंदर सिंह सुक्खू से एक बार फिर से जोरदार मांग की है कि छोटाभंगाल तथा चौहार घाटी की भौगौलिक स्थिति को देखते हुए
इस महाविद्यालय को मर्ज़ करने के वजाय इस महाविद्यालय में भी खाली पड़े विभिन्न पदों को तुरंत भर दिया जाए । इस बारे
बैजनाथ के विधायक किशोरी लाल का कहना है कि दुर्गम घाटी में खुले इस महाविद्यालय को मुख्यमंत्री से मिलकर बंद न करने के
लिए पूरी कोशिश की जाएगी ।

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