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सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, केलांग
उपायुक्त लाहौल-स्पीति किरण भड़ाना ने आज उपायुक्त कार्यालय के सम्मेलन कक्ष में आयोजित एक गरिमामय समारोह में नवनिर्वाचित जिला परिषद सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी लाहौल डॉ विवेक गुलरिया तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।
शपथ ग्रहण समारोह के उपरांत उपायुक्त किरण भड़ाना ने सभी नवनिर्वाचित जिला परिषद सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि जिला परिषद के सदस्य विकास और जनकल्याण की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी का कार्य करते हैं। ऐसे में सभी सदस्य राजनीतिक एवं व्यक्तिगत भेदभाव से ऊपर उठकर निष्पक्षता, पारदर्शिता और जनहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य करें।
उपायुक्त ने कहा कि लाहौल की जनजातीय घाटी अपने विशिष्ट सामाजिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्वरूप के लिए जानी जाती है। क्षेत्र के समग्र विकास के लिए सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों को आपसी सहयोग, समन्वय और सकारात्मक सोच के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि विकास से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से ध्यान देते हुए ऐसी योजनाएं तैयार की जाएं जिनका लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक समान रूप से पहुंचे।
उन्होंने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए जिला परिषद सदस्यों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने, नशे से दूर रहने सहित उन्हें सकारात्मक गतिविधियों, खेलों तथा रचनात्मक कार्यों की ओर प्रेरित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
पर्यटन क्षेत्र की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए उपायुक्त ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में लाहौल क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पर्यटन से स्थानीय लोगों की आजीविका और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है, लेकिन इसके साथ पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी भी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि सभी जनप्रतिनिधि और स्थानीय समुदाय मिलकर इको-फ्रेंडली पर्यटन को बढ़ावा दें ताकि घाटी की प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं सतत पर्यटन ही भविष्य की आवश्यकता है।
कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उपायुक्त ने जिला परिषद सदस्यों से किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती की ओर प्रेरित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि रासायनिक खादों और उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए किसानों को इनके न्यूनतम उपयोग तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए जागरूक किया जाना चाहिए।
उपायुक्त ने विशेष रूप से बालिकाओं की शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह करते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि घाटी का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि शिक्षित समाज ही विकास और समृद्धि की मजबूत नींव रख सकता है।
अपने संबोधन के अंत में उपायुक्त किरण भड़ाना ने सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को आश्वस्त किया कि उनका कार्यालय जनहित से जुड़े प्रत्येक विषय पर सहयोग के लिए सदैव खुला है।
इस अवसर पर जिला परिषद के नवनिर्वाचित सदस्यों में शशि किरण, रूब देई, थिन्ले देचिन, थुकतन डोलमा, पूनम देवी, सुरेश, राम सिंह, रणजीत,सोनम ठाकुर उपस्थित रहे।










