सुरभि न्यूज़
कुल्लू, 08 जून
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार घुड़दौड़ स्थित ऋषि भूमि योग आश्रम परिसर में नवस्थापित ऋषि भूमि प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी एवं सुपुत्री भी उनके साथ उपस्थित रहीं।
इसके उपरांत उन्होंने आश्रम परिसर में आयोजित हवन-यज्ञ में भाग लेकर आहुति अर्पित की। इस दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं एवं गणमान्य व्यक्तियों ने भी यज्ञ में सहभागिता की।
इस अवसर पर कोविंद ने कहा कि प्रकृति और मानव का संबंध अत्यंत गहरा एवं अभिन्न है। हमें प्रकृति का सम्मान करते हुए उसके साथ सामंजस्य स्थापित कर आगे बढ़ना चाहिए। प्रकृति के सानिध्य में रहने से अनुशासन, शांति और संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है तथा प्रकृति मानव की सच्ची मित्र है।
उन्होंने कहा कि पर्वतों, नदियों और नालों पर अल्पकालिक लाभ के लिये अतिक्रमण का परिणाम भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं और प्रकृति के प्रकोप के रूप में सामने आता है। इसलिए पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान पूर्व राष्ट्रपति ने ध्यान साधना शिविर में भी भाग लिया तथा आश्रम में संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य व्यक्ति, श्रद्धालु एवं स्थानीय नागरिक भी उपस्थित रहे।












