राधे-राधे वेटरनरी फार्मासिस्ट प्रशिक्षण संस्थान, रिवाड़ी (कुल्लू) का द्वितीय वर्ष परीक्षा परिणाम घोषित

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सुरभि न्यूज़

छविन्द्र शर्मा, दलाश (कुल्लू)।

कुल्लू जिला के आनी तहसील के अंतर्गत रिवाड़ी (दलाश) स्थित प्रतिष्ठित राधे-राधे वेटरनरी फार्मासिस्ट प्रशिक्षण संस्थान के द्वितीय वर्ष के अंतिम परीक्षा परिणाम ने एक बार फिर संस्थान की शैक्षणिक उत्कृष्टता को साबित कर दिया है। इस वर्ष संस्थान के सभी छात्र प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में हर्ष और उत्साह का माहौल है।

चौधरी सरवन कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर से संबद्ध इस संस्थान के चेयरमैन डॉ. मुकेश कुमार शर्मा ने परीक्षा परिणाम की घोषणा करते हुए सफल विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों के युवाओं को पशुपालन विज्ञान के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संस्थान की स्थापना की गई थी और छात्रों की इस उपलब्धि ने उस उद्देश्य को सार्थक सिद्ध किया है।

संस्थान प्रबंधन के अनुसार, द्वितीय वर्ष की परीक्षा में गौरव चौहान और गौरव ठाकुर ने 84.50 प्रतिशत अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से प्रथम स्थान हासिल किया है। दोनों छात्रों की इस उपलब्धि ने संस्थान का नाम गौरवान्वित किया है।

छात्राओं ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। आकृति ने 84.15 प्रतिशत अंकों के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि वास्वी ने 82 प्रतिशत अंक हासिल कर तृतीय स्थान पर अपनी जगह बनाई।

फैकल्टी सदस्यों ने बताया कि इस बैच के विद्यार्थियों ने न केवल सैद्धांतिक अध्ययन में बल्कि प्रायोगिक प्रशिक्षण और पशु-चिकित्सा संबंधी व्यवहारिक कार्यों में भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शीघ्र ही आयोजित होने वाले सम्मान समारोह में पुरस्कृत किया जाएगा।

इस सफलता पर संस्थान के चेयरमैन डॉ. मुकेश कुमार शर्मा, निदेशक सरोज शर्मा, प्रधान कृष्णा देवी, समन्वयक डॉ. निशु चौहान तथा स्टाफ सदस्य डॉ. अंकित शर्मा, आशु, आंचल सैनी एवं समस्त राधे-राधे परिवार ने विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को बधाई देते हुए मिठाइयाँ वितरित कर खुशी मनाई।

संस्थान प्रबंधन ने विश्वास व्यक्त किया कि यहां से प्रशिक्षित वेटरनरी फार्मासिस्ट भविष्य में सरकारी एवं निजी क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देकर पशुधन संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। विद्यार्थियों ने अपनी सफलता का श्रेय संस्थान के आधुनिक आधारभूत ढांचे, उन्नत प्रयोगशालाओं तथा अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया।

इस अवसर पर समन्वयक डॉ. निशु चौहान ने बताया कि सत्र 2026-28 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थी संस्थान में व्यक्तिगत रूप से अथवा ऑनलाइन माध्यम से 15 अगस्त 2026 तक प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि यह संस्थान पांच जिलों के मध्य स्थित अपनी तरह का एकमात्र संस्थान है तथा हिमाचल प्रदेश सरकार एवं सीएसकेएचपीकेवी, पालमपुर से संबद्ध है।

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