सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, केलांग : 30 जुलाई
लाहौल एवं स्पीति जिले के दुर्गम और सीमांत क्षेत्रों में बेहतर मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। उपायुक्त किरण भड़ाना की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्च स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग समीक्षा बैठक में जिले में जारी दूरसंचार परियोजनाओं, 4G विस्तार और मोबाइल टावर स्थापना की समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि आधुनिक समय में बेहतर नेटवर्क सिर्फ बातचीत का जरिया नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और प्रशासनिक कार्यों की बुनियादी जरूरत है। उन्होंने जिले के सभी प्राथमिकता वाले गांवों तक शत-प्रतिशत 4G कनेक्टिविटी पहुंचाने और नई मोबाइल टावर परियोजनाओं में तेजी लाने के सख्त निर्देश जारी किए।
उन्होंने जिले के कुल 521 गांवों में से 391 गांव वर्तमान में 4G नेटवर्क से जुड़ चुके हैं। 125 गैर-आबादी वाले गांवों को छोड़कर, बाकी सभी प्राथमिकता वाले गांवों को जल्द से जल्द 4G सेवाओं से आच्छादित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्पीति उप-मंडल के धार तुकमांड और उदयपुर के आर.एफ. दारेड जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में जल्द मोबाइल टावर स्थापित करने को कहा गया है, ताकि वहां के नागरिकों को भी समान डिजिटल लाभ मिल सके।
उपायुक्त ने जिले में वर्तमान में 239 सक्रिय 4G (BSNL के 71 और Reliance Jio के 132) और 29 active 5G टावर काम कर रहे हैं। BSNL और Airtel को कॉल ड्रॉप की समस्या सुधारने और सेवा की गुणवत्ता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। SDM केलांग, काजा और संबंधित पंचायतों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लंबित NOC और भूमि हस्तांतरण के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाएं, ताकि टावर निर्माण में देरी न हो।
कहा कि पंचायतों में खराब पड़े वीसेट उपकरणों को तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, पंचायत सचिवों को वीसेट का नोडल अधिकारी बनाया जाएगा। भारत नेट कार्यक्रम’ के तहत जिले की 45 ग्राम पंचायतों को जोड़ने के लिए 448 किलोमीटर लंबी ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है।
इस बैठक में कुनिका एकर्स (एसडीएम), चंद्रभान यादव (निदेशक, दूरसंचार विभाग), गौरव शर्मा (एसडीओ, BSNL) तथा अन्य निजी दूरसंचार कंपनियों के प्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।











