सुरभि न्यूज़
बाली चौकी, डोला सिंह महंत की रिपोर्ट
बाली चौकी के साथ लगते शल्लांनु/चल्याला के लहलहाते जंगलों में शरारती तत्वों ने आग लगा कर अपनी धूर्त प्रवृति का प्रमाण दे दिया। देखते ही देखते तेज हवाओं ने आग की लपटों को पल भर में भड़काना शुरू कर दिया। महिला मंडल का जज्बा धधकती आग बुझाने में जुटी रही, ये वही जंगल था जिसे मां अंबिका माता महिला मंडल की सदस्यों ने अपने हाथों से संवारा था।
कड़ी मेहनत से लगाए गए पेड़ पौधे पल भर में राख होने लगे लेकिन महिला मंडल की सदस्य गीता देवी, रोशना देवी, लज्जा देवी, कला देवी, पूनम कुमारी, प्रोमिला देवी, आदि ने अपनी हिम्मत नहीं हारी। उनके साथ सतीश शर्मा, शुभम् शर्मा, शिभम् शर्मा, कंधे से कंधा मिलाकर साथ देते रहे।
वन विभाग+अग्निशमन की टीम भी भड़की आग को बुझाने में जुटे रहे। सभी लोगों ने तेज हवाओं के बीच अपनी जान कि परवाह न करते हुए भड़कती आग से जंग छेड़ दी। कुछ घंटों की कड़ी मुशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। महिला मंडल द्वारा लगाए गए पौधों का एक चौथाई हिस्सा बचा लिया गया, वाकी पेड़ पौधे जल कर राख हो गए।
पर्यावरण प्रेमी डोला सिंह महंत ने कहा कि महिला मंडल की माताओं बहनों और वन विभाग व अग्निशमन की टीम ने जो हौंसला दिखाया उसे दिल से सलाम। जो पेड़ पौधे बच गए वो सराज को फिर से हरा भरा करेंगे।
महिला मंडल की प्रधान गीता देवी ने कहा कि शरारती तत्वों ने आग तो लगा दी पर मां अंबिका माता महिला मंडल के महिलाओं ने ये साबित कर दिया कि सराज की बेटियां आग से लड़ना भी जानती हैं। सतीश शर्मा ने कहा कि शरारती तत्वों ने जंगल में आग लगा कर पेड़ पौधे राख कर दिए हैं, उन्हें इसकी सजा मिलनी चाहिए।












