सुरभि न्यूज़
बिलासपुर, 10 सितम्बर
भाषा एवं संस्कृति विभाग कार्यालय बिलासपुर द्वारा राजभाषा पखवाड़ा-2026 के अंतर्गत गुरुवार को बहुउद्देश्यीय सांस्कृतिक परिसर बिलासपुर में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए भाषण एवं निबंध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला भाषा अधिकारी नीलम चंदेल ने की। प्रतियोगिताओं का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मंच संचालन गायत्री शर्मा ने किया।
प्रतियोगिताओं में विभिन्न विद्यालयों के करीब 80 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भाषण प्रतियोगिता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोठी की छात्रा प्रियंका ने प्रथम, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला स्वारघाट के स्वस्तिक शर्मा ने द्वितीय तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जामली की नैन्सी देवी ने तृतीय स्थान हासिल किया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बिलासपुर की पलक ठाकुर को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
निबंध प्रतियोगिता में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बिलासपुर की आरुषी ठाकुर प्रथम, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला घाघस की कोमल द्वितीय तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बरमाणा की अदिति शर्मा तृतीय स्थान पर रहीं। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ऋषिकेश की मोनिका को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।
प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य एवं साहित्यकार जीत राम सुमन, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य एवं साहित्यकार अमर नाथ धीमान, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बिलासपुर के गणित विभाग के सहायक आचार्य डॉ. जय महलवाल तथा हिन्दी प्रभाग की सहायक आचार्या डॉ. हेमा देवी ठाकुर शामिल रहे।
इस अवसर पर प्रथम चार स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र तथा सभी प्रतिभागियों को प्रतिभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। निर्णायक मंडल को भी स्मृति चिन्ह, शॉल एवं टोपी देकर सम्मानित किया गया।
जिला भाषा अधिकारी नीलम चंदेल ने कहा कि हिन्दी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संस्कारों और भावनाओं को अभिव्यक्त करने वाली भाषा है। उन्होंने विद्यार्थियों से हिन्दी को केवल विषय तक सीमित न रखकर दैनिक जीवन और व्यवहार का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भाषण और निबंध जैसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों की रचनात्मकता, विचार-अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी में हिन्दी भाषा के प्रति रुचि और सम्मान बढ़ता है












