सुरभि न्यूज़
पांगी/चंबा, 12 सितंबर
जनजातीय क्षेत्र पांगी की ग्राम पंचायत शौर के लिए एक बड़ी विकासोन्मुख पहल करते हुए राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार ने पंचायत को गोद लेने की घोषणा की है। उन्होंने पंचायत के संतुलित और दीर्घकालिक विकास का संकल्प लेते हुए खेल मैदान, लाइब्रेरी, कम्युनिटी हॉल, जिम, सोलर लाइट, श्मशान घाट और हेलीपैड जैसी सुविधाओं को सुदृढ़ करने की बात कही।
शनिवार को शौर में आयोजित भव्य स्वागत एवं अभिनंदन कार्यक्रम में हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। राज्यसभा सांसद का स्थानीय लोगों ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. सिकंदर कुमार ने कहा, “पंचायत को गोद लेने का उद्देश्य केवल बुनियादी ढांचा विकसित करना नहीं, बल्कि क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधाएं देकर समग्र विकास सुनिश्चित करना है।” उन्होंने भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए जैविक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया, जिससे किसानों की आय बढ़ सके।
डॉ. कुमार ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों का विकास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन की प्राथमिकता में शामिल है। स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
इस अवसर पर पांगी-भरमौर के विधायक डॉ. जनक राज ने कहा कि इस पहल से ग्रामीणों का जीवन-स्तर बेहतर होगा और विकास को नई गति मिलेगी। भाजपा प्रदेश सचिव तिलक राज शर्मा ने कहा, “जनजातीय क्षेत्र के लोगों को मूलभूत सुविधाएं मिलनी चाहिए ताकि वे मुख्यधारा से जुड़ सकें। पंचायत को गोद लेना हमारे लिए गर्व का विषय है।” उन्होंने बताया कि डॉ. सिकंदर कुमार पहले भी राज्यसभा में पांगी के सड़क, बिजली और टनल जैसे मुद्दे उठाते रहे हैं।
कार्यक्रम में भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील नेगी भी मौजूद रहे। उन्होंने जनजातीय क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। ग्राम पंचायत प्रधान दयाराम शर्मा ने सभी अतिथियों का आभार जताते हुए कहा कि पंचायत को गोद लिया जाना क्षेत्रवासियों के लिए गौरव और नई उम्मीद का विषय है। उन्होंने विश्वास जताया कि सांसद के सहयोग से विकास कार्यों को गति मिलेगी।
ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के विकास के लिए दूरगामी कदम बताया। कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और हजारों स्थानीय लोगों की मौजूदगी ने इसे ऐतिहासिक बना दिया।
ग्राम पंचायत शौर को गोद लिए जाने की यह पहल जनजातीय क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, बेहतर आधारभूत सुविधाओं और स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।









