सुरभि न्यूज़
जोगिंद्र नगर, 18 सितंबर
हिमाचल किसान सभा का जोगिंद्र नगर ब्लॉक सम्मेलन शुक्रवार को किसान भवन जोगिंद्र नगर में आयोजित किया गया। सम्मेलन का उद्घाटन हिमाचल किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष कुशाल भारद्वाज ने किया। उन्होंने किसान आंदोलन के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ब्रिटिश शासन के दौरान जमींदारी शोषण, भारी लगान, कर्ज, बेदखली, जबरन मजदूरी और साहूकारों के शोषण के खिलाफ शुरू हुआ किसान आंदोलन आगे चलकर वर्ष 1936 में लखनऊ में अखिल भारतीय किसान सभा के रूप में संगठित हुआ।
कुशाल भारद्वाज ने कहा कि किसान सभा ने स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ-साथ जमींदारी एवं सामंती शोषण के खिलाफ संघर्ष किया। किसानों को भूमि पर अधिकार व सुरक्षा दिलाने, लगान एवं राजस्व में कमी, कर्ज से मुक्ति, बेदखली व अवैध वसूली पर रोक, सिंचाई दरों व कृषि लागत कम करने तथा कृषि उपज के उचित मूल्य और खेत मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी जैसे मुद्दों को लेकर संगठन लगातार संघर्ष करता रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में हिमाचल किसान सभा के प्रमुख मुद्दों में किसानों को MSP की कानूनी गारंटी, कृषि उपज के लाभकारी दाम, किसानों की कर्ज समस्या, महंगी खाद-बीज व कीटनाशक, कृषि लागत, भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा, सिंचाई व ग्रामीण आधारभूत सुविधाएं, जंगली जानवरों व आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा, प्राकृतिक आपदाओं में उचित मुआवजा, बागवानों व छोटे किसानों के हितों की रक्षा, बिजली, वन अधिकार तथा ग्रामीण भूमि अधिकार शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में हिमाचल किसान सभा की जोगिंद्र नगर इकाई ने स्थानीय समस्याओं के साथ कृषि उत्पादों के लाभकारी मूल्य, बाढ़ एवं प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान, आवारा पशुओं, सड़क एवं परिवहन, पुल निर्माण, स्वास्थ्य सुविधाओं, पेयजल और आवास योजना जैसे मुद्दों को लेकर संघर्ष किया है। वर्ष 2022, 2023 और 2025 की प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों को उचित राहत एवं मुआवजा देने तथा आवारा पशुओं की समस्या के समाधान की मांग भी लगातार उठाई गई है।
सम्मेलन में पिछले तीन वर्षों की राजनीतिक, सांगठनिक एवं गतिविधियों की रिपोर्ट रविंदर कुमार ने प्रस्तुत की। इस दौरान सुदर्शन वालिया, नरेश धरवाल, कृष्ण सिंह, कैप्टन लाभ सिंह धरवाल, धर्म चंद, मस्त राम, कृष्ण चंद, बलदेव ठाकुर, गुलाब सिंह, सुभाष चंद, संजय रांगड़ा, देवी सिंह, हरदयाल और राकेश कुमार सहित अन्य वक्ताओं ने अपने विचार रखे। डीवाईएफआई के जिला प्रधान संजय जमवाल ने भी सम्मेलन को संबोधित कर संगठन की ओर से शुभकामनाएं दीं।
सम्मेलन में क्षेत्रीय सह सुविधा केंद्र जोगिंद्र नगर का स्थानांतरण रद्द करने, स्मार्ट मीटरिंग पर रोक लगाने, अस्पताल में डॉक्टरों के रिक्त पद भरने, पेयजल एवं बसों की कमी दूर करने, सड़कों की खस्ताहालत सुधारने तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन समय पर जारी करने की मांगों को लेकर प्रस्ताव पारित किए गए।
सम्मेलन के बाद हर्बल गार्डन से आरसीएफसी बचाओ संघर्ष समिति के भूख हड़ताल स्थल तक किसान सभा ने जोरदार रैली निकाली और संघर्ष समिति को अपना समर्थन दिया। इस दौरान वक्ताओं ने जोगिंद्र नगर से महत्वपूर्ण सुविधाओं एवं संस्थानों को स्थानांतरित करने के आरोप लगाते हुए केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया।
सम्मेलन में 35 सदस्यीय नई ब्लॉक कमेटी का गठन किया गया। रविंदर कुमार को पुनः अध्यक्ष, सूबेदार बलदेव ठाकुर को महासचिव, सुदर्शन वालिया को वित्त सचिव तथा कमांडो नरेश धरवाल को वरिष्ठ उपाध्यक्ष चुना गया।
इसके अलावा तिलक ठाकुर, कैप्टन लाभ सिंह धरवाल, सूबेदार धर्म चंद, कृष्ण सिंह और मस्त राम को उपाध्यक्ष, जबकि कृष्ण चंद, सुभाष चंद, गुलाब सिंह, शिवानी ठाकुर और राकेश कुमार को सह सचिव चुना गया। सम्मेलन में किसान हितों से जुड़े मुद्दों पर आगामी समय में संघर्ष को और मजबूत करने का आह्वान किया गया।











