हिमाचली लोकसंस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने पर डॉ. सूरत ठाकुर श्रीलंका में होंगे सम्मानित 

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सुरभि न्यूज़

प्रताप अरनोट, मंडी/कुल्लू

स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र कोलंबो और ICCR की ओर से 22 सितंबर को होगा सम्मान समारोह; 25 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में शोध पत्र भी करेंगे प्रस्तुत

हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ लेखक एवं साहित्यकार डॉ. सूरत ठाकुर को हिमाचल की लोकसंस्कृति और लोकसंगीत के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में सम्मानित किया जाएगा। स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र, कोलंबो तथा भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) की ओर से 22 सितंबर 2026 को आयोजित कार्यक्रम में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया जाएगा।

डॉ. सूरत ठाकुर को यह सम्मान उनकी चर्चित पुस्तक ‘हिमाचल प्रदेश की जनजातीय लोकसंस्कृति’ के लिए दिया जा रहा है। उनकी लेखनी के माध्यम से हिमाचल प्रदेश की देव परंपराओं, लोकसंस्कृति और लोकजीवन को व्यापक स्तर पर सामने लाने का कार्य किया गया है।

डॉ. सूरत ठाकुर अब तक हिमाचल प्रदेश की देव परंपरा, लोकसंस्कृति और यात्रा साहित्य सहित विभिन्न विषयों पर दो दर्जन से अधिक पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। उनकी साहित्यिक एवं सांस्कृतिक सेवाओं के लिए इससे पहले हिमाचल कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी, शिमला तथा पूर्वोत्तर साहित्य अकादमी, शिलांग सहित अनेक संस्थाओं द्वारा उन्हें सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा भुट्टि वीवर्स कोऑपरेटिव सोसायटी, शमशी की ओर से उन्हें चंद्रशेखर बेबस राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्रदान किया जा चुका है।

श्रीलंका में मिलने वाले सम्मान पर डॉ. सूरत ठाकुर ने कहा कि हिमाचली संस्कृति पर लिखने वाले एक लेखक को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान हिमाचल की समृद्ध लोकसंस्कृति और परंपराओं को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने वाला है।

डॉ. सूरत ठाकुर 25 सितंबर 2026 को कोलंबो में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में भी भाग लेंगे। इस संगोष्ठी का आयोजन सबरगमुवा विश्वविद्यालय, श्रीलंका, मधुर नारायण अंतरराष्ट्रीय हिंदी शोध संस्थान, बस्ती (उत्तर प्रदेश) तथा टूरिज्म एंड हिस्टोरिकल अकादमी, थार (राजस्थान) द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है।

संगोष्ठी में डॉ. सूरत ठाकुर ‘प्रेमचंद की कहानियों में ग्रामीण जीवन’ विषय पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने बताया कि वे 21 सितंबर 2026 को श्रीलंका के लिए रवाना होंगे।

हिमाचली साहित्य और लोकसंस्कृति के क्षेत्र में सक्रिय डॉ. सूरत ठाकुर को श्रीलंका में मिलने वाला यह सम्मान हिमाचल के साहित्यिक एवं सांस्कृतिक जगत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

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