सुरभि न्यूज़
जीभी/बंजार : परस राम भारती
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर जिभी घाटी में ‘शोभला सराज 2.0’ पर्यटन महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। जिभी घाटी पर्यटन विकास संघ ने स्थानीय पर्यटन कारोबारियों तथा ग्राम पंचायत तान्दी, खाड़ागाड़ और सजवाड़ के सहयोग से जिभी स्थित चौहान पैलेस में आयोजित इस महोत्सव के माध्यम से सराज की प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध संस्कृति और स्थानीय जीवनशैली को दुनिया तक पहुंचाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में मंडी मंडल के मंडलायुक्त राज कृष्ण प्रुथी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान अतिरिक्त उपायुक्त सुनैना शर्मा, बंजार तहसीलदार नीरज शर्मा, पुलिस उपमंडलाधिकारी राज कुमार, मत्स्य अधिकारी दूनी चंद आर्य, विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता कुलदीप सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि, पर्यटन कारोबारी, सामाजिक कार्यकर्ता, स्थानीय निवासी, महिला मंडलों के सदस्य और पर्यटक मौजूद रहे।
‘शोभला सराज 2.0’ की शुरुआत जिभी घाटी के विभिन्न क्षेत्रों में सामुदायिक स्वच्छता अभियान के साथ हुई। स्थानीय लोगों, पर्यटन कारोबारियों, पंचायत प्रतिनिधियों, स्वयंसेवकों और पर्यटकों ने मिलकर विभिन्न स्थानों पर सफाई अभियान चलाया। इस दौरान विदेशी पर्यटकों ने भी स्वच्छता अभियान में उत्साहपूर्वक भागीदारी की।
अभियान में ‘हीलिंग हिमालयाज’, ‘क्रीच क्लीनिंग प्राइवेट लिमिटेड’, ‘सेराज वेंचर’ तथा ग्राम पंचायत तान्दी, खाड़ागाड़ और सजवाड़ का सहयोग रहा। लांभरी टैक्सी-मैक्सी संचालक संघ सहित अन्य पर्यटन हितधारकों ने भी अभियान में योगदान दिया। अभियान के माध्यम से संदेश दिया गया कि पर्यटन स्थलों की प्राकृतिक सुंदरता और पहचान बनाए रखने के लिए स्वच्छता तथा जिम्मेदार पर्यटक व्यवहार बेहद जरूरी है।
महोत्सव में सराज की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं की आकर्षक झलक भी देखने को मिली। स्थानीय महिला मंडलों ने पारंपरिक नाटी प्रस्तुत कर कार्यक्रम में हिमाचली संस्कृति के रंग भर दिए। नाटी की प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों और पर्यटकों को खूब आकर्षित किया। इसके बाद कलाकार अश्वनी नेगी ने स्थानीय मधुर गीतों और गजलों की प्रस्तुति दी। उनकी संगीतमय प्रस्तुतियों का भी लोगों ने आनंद लिया।
वेबसाइट और ‘शोभला सराज’ कॉफी टेबल पुस्तक का शुभारंभ
महोत्सव के दौरान जिभी घाटी पर्यटन विकास संघ की आधिकारिक वेबसाइट तथा ‘शोभला सराज’ नामक कॉफी टेबल पुस्तक का शुभारंभ भी किया गया। आयोजकों के अनुसार इन पहलों का उद्देश्य सराज क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन स्थलों और स्थानीय जीवनशैली को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाना है।
कॉफी टेबल पुस्तक के माध्यम से क्षेत्र की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत को दस्तावेज के रूप में संरक्षित करने का प्रयास किया गया है, जबकि वेबसाइट के माध्यम से सराज के पर्यटन स्थलों और स्थानीय पर्यटन कारोबारियों को व्यापक स्तर पर प्रचारित करने की दिशा में पहल की गई है।
पर्यटन विकास में स्थानीय समुदाय की भागीदारी पर जोर
महोत्सव के दौरान पर्यटन के भविष्य को लेकर विभिन्न पक्षों के बीच विचार-विमर्श भी हुआ। सरकारी विभागों, पंचायत प्रतिनिधियों, पर्यटन कारोबारियों, सामाजिक संस्थाओं, स्वयंसेवी संगठनों और स्थानीय समुदाय के प्रतिनिधियों ने पर्यटन विकास से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे।
वक्ताओं ने कहा कि पर्यटन विकास का उद्देश्य केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाना नहीं होना चाहिए। इसके साथ पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय संस्कृति एवं परंपराओं का संरक्षण, स्वच्छता और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित करना जरूरी है। प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए जिम्मेदार और सतत पर्यटन को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है।
साझा मंच के रूप में विकसित होगा ‘शोभला सराज’
जिभी घाटी पर्यटन विकास संघ ने कहा कि ‘शोभला सराज’ को केवल वार्षिक पर्यटन महोत्सव तक सीमित रखने के बजाय सराज क्षेत्र में सामुदायिक भागीदारी मजबूत करने, प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देने वाले निरंतर मंच के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है।
आयोजकों ने महोत्सव को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सरकारी विभागों, पंचायत प्रतिनिधियों, पर्यटन कारोबारियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, महिला मंडलों, स्वयंसेवकों, स्थानीय निवासियों और पर्यटकों का आभार व्यक्त किया।
महोत्सव का समापन ‘स्वच्छ सराज, समृद्ध सराज—जिम्मेदार पर्यटन हमारा सामूहिक संकल्प’ के संदेश के साथ हुआ।
आयोजकों ने कहा कि सराज की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए पर्यटन को स्थानीय समुदाय की समृद्धि का माध्यम बनाना सामूहिक जिम्मेदारी है।











