सुरभि न्यूज़
कुल्लू, 27 सितम्बर
रोटरी आई हॉस्पिटल गांधीनगर को नया आई सर्जन मिल गया है। आंखों के विशेषज्ञ डॉ. तरुण सूद ने अस्पताल में विधिवत रूप से पदभार संभाल लिया है। उनके अस्पताल से जुड़ने के बाद अब कुल्लू जिला सहित आसपास के लोगों को आंखों के बड़े ऑपरेशन के लिए बाहरी राज्यों या बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
डॉ. तरुण सूद के अस्पताल पहुंचने पर रोटरी आई हॉस्पिटल के चेयरमैन रोटेरियन इंदीवर मेहता ने उनका पारंपरिक कुल्लवी शॉल और टोपी पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर रोटरी क्लब कुल्लू के संस्थापक सदस्य डॉ. पी.डी. लाल, रोटेरियन वी.के. कपूर, रोटरी असिस्टेंट गवर्नर हिमाचल जोन रोटेरियन अंशुल पराशर और महासचिव रोटेरियन अमन भल्ला विशेष रूप से मौजूद रहे।
नवनियुक्त आई सर्जन डॉ. तरुण सूद ने बताया कि वह इससे पहले पीजीआई चंडीगढ़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार वह कॉर्निया, मोतियाबिंद और रिफ्रेक्टिव सर्जरी के विशेषज्ञ हैं तथा फेको सर्जरी में स्नातक डिग्री प्राप्त कर चुके हैं।
रोटरी आई हॉस्पिटल के चेयरमैन इंदीवर मेहता ने बताया कि स्थानीय लोगों की मांग को देखते हुए पिछले वर्ष गांधीनगर में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त अस्पताल शुरू किया गया था। अब विशेषज्ञ आई सर्जन की नियुक्ति से अस्पताल में नेत्र रोगियों को बेहतर उपचार और सर्जरी की सुविधा स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि जरूरतमंद मरीजों के आंखों के ऑपरेशन सस्ती दरों पर किए जाएंगे, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को भी आधुनिक नेत्र चिकित्सा का लाभ मिल सके।
अस्पताल में फेकोइमल्सिफिकेशन ऑपरेशन, माइक्रोस्कोप, ओसीटी, एनसीटी, ऑटो-केराटो रिफ्रैक्टोमीटर, याग लेजर मशीन और इंट्राविट्रियल इंजेक्शन सहित आधुनिक नेत्र चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं।
नगर परिषद के 11 वार्डों में लगेंगे निशुल्क जांच शिविर
रोटरी आई हॉस्पिटल के महासचिव अमन भल्ला ने बताया कि जल्द ही कुल्लू नगर परिषद के सभी 11 वार्डों में आंखों की निशुल्क जांच के लिए शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से लोगों की आंखों की जांच की जाएगी और जरूरत के अनुसार उन्हें अस्पताल में उपचार व ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।
रोटरी आई हॉस्पिटल प्रबंधन ने कहा कि अस्पताल का उद्देश्य आधुनिक नेत्र चिकित्सा सुविधाओं को लोगों के नजदीक पहुंचाना है, ताकि मरीजों को इलाज के लिए दूरदराज के शहरों में जाने की परेशानी और अतिरिक्त खर्च से राहत मिल सके।










