सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, शिमला : 27 सितंबर
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर आईएचएम शिमला (कुफरी) में हिम आंचल शेफ एसोसिएशन की ओर से हिमाचल कुलिनरी एंड टूरिज्म फेस्टिवल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने हिमाचल के पारंपरिक एवं स्थानीय व्यंजनों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और प्रतिभागियों से संवाद कर उनके प्रयासों की जानकारी ली।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि पारंपरिक खान-पान हिमाचल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है। जो लोग अपनी संस्कृति और परंपराओं को सहेजते हुए पारंपरिक व्यंजन तैयार करते हैं और उन्हें उत्सव के रूप में मनाते हैं, वे आने वाली पीढ़ियों तक अपनी विरासत पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हिमाचल की महिलाएं आज विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। अनेक महिलाओं ने पारंपरिक व्यंजनों और पाक-कला को व्यवसाय के रूप में अपनाकर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। यह हिमाचल के लिए गौरव की बात है।
स्थानीय व्यंजनों को रोजगार और व्यवसाय से जोड़ने पर जोर
उपायुक्त ने कहा कि हिमाचल के पारंपरिक व्यंजनों को केवल उत्सवों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें नियमित खान-पान और व्यवसाय का हिस्सा बनाने की आवश्यकता है। स्थानीय खाद्य संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ व्यंजनों के मूल स्वरूप और प्रामाणिकता को बनाए रखना भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि हिमाचली व्यंजनों को देश के अन्य हिस्सों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए स्वाद, गुणवत्ता, प्रस्तुति, स्वच्छता, तापमान, समय-प्रबंधन और उत्पादन प्रक्रिया पर पर्याप्त शोध एवं अभ्यास किया जाना चाहिए। युवा उद्यमियों से उन्होंने आह्वान किया कि वे अपने हुनर के साथ अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर सामूहिक रूप से स्थानीय भोजन और संस्कृति को व्यापक स्तर पर प्रचारित करें।
उपायुक्त ने कहा कि किसी भी खाद्य व्यवसाय की सबसे बड़ी पूंजी उपभोक्ता का विश्वास है। इसलिए स्थानीय खाद्य उत्पादों को लोकप्रिय बनाने के साथ गुणवत्ता और प्रामाणिकता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि खाद्य क्षेत्र में एथिक्स, फूड सेफ्टी और हाइजीन के मानकों का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी उत्पाद को बाजार में उतारने से पहले बार-बार ट्रायल, विभिन्न परिस्थितियों में परीक्षण और उपभोक्ताओं से फीडबैक लेना आवश्यक है।
उन्होंने आधुनिक उपकरणों और बेहतर आधारभूत ढांचे में निवेश की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण एवं खाद्य उद्योग से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं में ऋण और सब्सिडी का प्रावधान है। युवा उद्यमी इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचा विकसित कर सकते हैं।
उपायुक्त ने विद्यार्थियों द्वारा पारंपरिक व्यंजनों को नए अंदाज में प्रस्तुत करने की सराहना की। उन्होंने विभिन्न राज्यों से आए विद्यार्थियों द्वारा हिमाचली स्थानीय व्यंजनों को सीखने और तैयार करने के प्रयासों को संस्कृति के आदान-प्रदान का अच्छा उदाहरण बताया।
उन्होंने कहा कि हिमाचल से शिक्षा प्राप्त कर देश-विदेश में कार्य कर रहे लोगों का ऐसे आयोजनों में वापस आकर भाग लेना अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़ाव को दर्शाता है।
फेस्टिवल में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के पारंपरिक व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें कॉलेज एवं विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों तथा महिलाओं ने भाग लिया। प्रदर्शनी में कांगड़ी धाम, गुच्छी की सब्जी, पतरोड़े, सिड्डू, लाल चावल, सेपू बड़ी, बिच्छू बूटी की चाय, कोदरे की रोटी, रागी के लड्डू और चम्बयाली राजमा सहित अनेक स्थानीय व्यंजन प्रदर्शित किए गए। विभिन्न प्रकार के केक भी प्रदर्शनी का हिस्सा रहे।
फेस्टिवल का उद्देश्य हिमाचल के पारंपरिक व्यंजनों को व्यापक पहचान दिलाना, स्थानीय खान-पान को प्रोत्साहित करना तथा पर्यटन उद्योग को और मजबूत करना रहा।
फेस्टिवल में विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को मेडल एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। होम शेफ श्रेणी: गोल्ड मेडल चमन लाल शर्मा, सिल्वर मेडल अंजना तथा ब्रॉन्ज मेडल रिया एवं रेणु को मिला।
होम बेकर श्रेणी: गोल्ड मेडल अंजना, सिल्वर मेडल आरती अग्रवाल तथा ब्रॉन्ज मेडल यशस्वी एवं सान्या शर्मा को प्रदान किया गया।
स्टूडेंट शेफ (कक्षा 9वीं एवं 10वीं): कार्तिक कौशल को सम्मानित किया गया।
स्टूडेंट शेफ (कक्षा 11वीं एवं 12वीं): गोल्ड मेडल रिया, सिल्वर मेडल कल्पना तथा ब्रॉन्ज मेडल प्रियांचल चौहान ने हासिल किया।
हॉस्पिटैलिटी श्रेणी: गोल्ड मेडल जोगिन्द्र, सिल्वर मेडल स्टेजिन तथा ब्रॉन्ज मेडल रिया एवं पीयूष मंगला तथा सुमित राय, अनुज कुमार एवं गगन ठाकुर की टीम को प्रदान किया गया।
इसके अलावा सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी दिए गए।
451 प्रकार के सिड्डू तैयार करने पर शेफ नंदलाल सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान 451 विभिन्न प्रकार के सिड्डू तैयार करने के लिए लिम्का अवॉर्ड से सम्मानित शेफ नंदलाल एवं उनकी टीम को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर ज्यूरी सदस्य विवेक, शेफ अमित डोगरा, शेफ विजय वशिष्ठ, शेफ राज कुमार, शेफ हिमांशु वाधवा, शेफ प्रदीप चौहान और डॉ. प्रदीप शर्मा मौजूद रहे।
कार्यक्रम में फेडरेशन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन हिमाचल के अध्यक्ष देवेंद्र वर्मा, आईएचएम शिमला के प्रधानाचार्य डॉ. मुकुल डिमरी, शालिनी शर्मा, हिम आंचल शेफ एसोसिएशन के अध्यक्ष नंद लाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति, शेफ, विद्यार्थी, प्रतिभागी एवं खाद्य क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित रहे।










