सुरभि न्यूज़ | प्रताप सिंह अरनोट, कुल्लू
कुल्लू। सूत्रधार कला संगम द्वारा कुल्लू घाटी के बच्चों को लोक संस्कृति से रूबरू करवाने और उनकी प्रतिभा को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित लोक नृत्य कार्यशाला का शनिवार को विधिवत समापन हुआ। 10 अक्तूबर 2026 से शुरू हुई इस कार्यशाला का समापन संस्था अध्यक्ष दिनेश सेन ने किया। कार्यशाला के दौरान प्रशिक्षुओं ने लोक नृत्य की बारीकियां सीखीं और समापन अवसर पर अपनी शानदार प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
समापन अवसर पर संस्था अध्यक्ष दिनेश सेन ने सभी प्रशिक्षुओं का स्वागत करते हुए कार्यशाला में उत्साहपूर्वक भाग लेने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सूत्रधार कला संगम भविष्य में भी इस तरह की कार्यशालाओं का आयोजन करता रहेगा। साथ ही, उभरते कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए उचित मंच प्रदान किया जाएगा, ताकि युवा पीढ़ी अपनी समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी रहे।
दिनेश सेन ने बताया कि कार्यशाला का निर्देशन सूत्रधार कला संगम के वरिष्ठ कलाकार एवं प्रचार-प्रसार प्रभारी सुंदर श्याम महंत ने किया। वह लोक नर्तक, रंगकर्मी और कुशल मंच संचालक हैं। उनके मार्गदर्शन में संस्था ने कई बार जिला और प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल प्रदेश की लोक संस्कृति का प्रतिनिधित्व किया है।
कार्यशाला में लोक नृत्य प्रभारी सीमा शर्मा, अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संगीत गुरु विद्या सागर शर्मा, कार्यकारिणी के प्रचार-प्रसार सह प्रभारी धर्मेंद्र शर्मा तथा आमंत्रित सदस्य जीवन बुढ़ाल, सन्नी और संजय पुजारी ने भी समय-समय पर बच्चों का मार्गदर्शन किया। सभी ने प्रशिक्षुओं का उत्साह बढ़ाते हुए उन्हें लोक कला की बारीकियों से अवगत करवाया।
इस कार्यशाला में पलक, शबनम, केहरवी, कृतिका, वंशिका, यशिका, सोनल, शैलजा, गौरी, कनीका, सुष्मिता, तारा, ट्विंकल, रेखा, मोहिनी, कशिश, धनवंती, राहुल, आयुष, चांद, परीक्षित, अक्षय, रजनीश, कुनाल कौशल और तरुण सभरवाल सहित कुल 26 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया। समापन समारोह में कलाकारों ने कार्यशाला के दौरान सीखे गए लोक नृत्यों की आकर्षक प्रस्तुति दी और अपनी कला व कौशल का प्रदर्शन किया।
संस्था अध्यक्ष दिनेश सेन ने जानकारी दी कि अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव के दौरान सूत्रधार कला संगम की ओर से पंडित विद्या सागर शर्मा के निर्देशन में तैयार किया जा रहा शुद्ध कथक पर आधारित समूह नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त संस्था भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित लोक नृत्य प्रतियोगिता में भी भाग लेगी।
उन्होंने सभी कलाकारों को कुल्लू दशहरा उत्सव की अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। साथ ही, कार्यशाला के सफल आयोजन में सहयोग देने के लिए सूत्रधार कला संगम की संपूर्ण कार्यकारिणी का आभार व्यक्त किया।
इस कार्यशाला के माध्यम से बच्चों को लोक संस्कृति से जोड़ने, उनकी कला को निखारने और भविष्य के लिए प्रतिभाशाली कलाकार तैयार करने की दिशा में संस्था ने एक महत्वपूर्ण पहल की है।










