कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव : फार्मर रजिस्ट्री से योजनाओं में पारदर्शिता और “श्री अन्न” (मिलेट्स) से सशक्त होगें किसान
1. फार्मर रजिस्ट्री (डिजिटल किसान पहचान) क्या है : यह देश के हर किसान की एक डिजिटल आईडी है जिसमें आधार कार्ड, ज़मीन तथा फसल की जानकारी जुड़ी होती है।
(अ) मुख्य लाभ
* पी एम किसान और अन्य सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे खाते में (बिना बिचौलियों के)
* किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और कृषि लोन आसानी से मिलना।
* सरकारी केन्द्रों पर फसल बेचने में आसानी तथा किसान को उसकी उपज का सही मूल्य।
(ब) पंजीकरण कैसे करें
* किसान स्वयं राज्य के फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल thttps://hpfr. aguistack.gov.in पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं या अपने नजदीकी लोक मित्र केन्द्र में जाकर निःशुल्क पंजीकरण कर सकते हैं।
* जरूरी दस्तके दस्तावेज़ : आधार का कार्ड, खसरा खतौनी नंबर तथा मोबाइल OTP के लिए ।
2. मिलेट्स (श्री अन्न) का महत्त्व :
बदलते जलवायु चक्र और कम बारिश के दौर में बाजरा, ज्वार, रागी, कोदो, काऊणी और कुटकी जैसे मोटे अनाजों (मिलेट्स) की खेती किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है।
(अ) किसानों के लिए मिलेट्स के फायदे :
* मिलेट्स की फसलें सूखा-रोधी होती है और बेहद कम सिंचाई तथा कम उर्वरक में भी अच्छी पैदावार होती है।
* मिलेट्स पोषक तत्त्वों (प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम और आयरन) से भरपूर होने के कारण मिलेट्स डायबिटीज़ और मोटापे जैसी बीमारीयों से बचाते हैं। साथ ही इनकी खेती से मिट्टी की उर्वरत्ता भी रहती है।
किसानों से अपील है कि वह अपनी समय रहते फार्मर रजिस्ट्री पूरी करवाएँ और पारंपरिक फसलों के साथ -साथ “श्री अन्न” की खेती को अपनाएँ।
डॉ. ऋतु गुप्ता
उप कृषि निदेशक
कृषि विभाग कुल्लू हिमाचल प्रदेश








