सुरभि न्यूज़ / ख़ुशी राम ठाकुर, बरोट
चौहार घाटी के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग पर सरकार ने बरोट स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) का दर्जा बढ़ाकर इसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तब्दील कर दिया था। शुरुआत में यहां स्वीकृत डॉक्टरों के सभी चार पद भरे होने के कारण क्षेत्रवासियों को बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही थीं, लेकिन वर्तमान में डॉक्टरों की भारी कमी के चलते यहां की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है।
मौजूदा समय में इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मात्र एक महिला डॉक्टर और एक दंत रोग विशेषज्ञ ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं। डॉक्टरों के 3 पद और एक महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता का पद लंबे समय से खाली चल रहा है।
स्टाफ की भारी कमी के बावजूद, तैनात एकमात्र महिला डॉक्टर अपनी पूरी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ दिन-रात मरीजों की सेवा में जुटी हुई हैं, लेकिन अत्यधिक कार्यभार के कारण व्यवस्था पर असर पड़ रहा है।
बरोट पंचायत के उपप्रधान राजकुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि इस स्वास्थ्य केंद्र पर चौहार घाटी की 5 और छोटा बंगाल घाटी की सभी 7 पंचायतों यानी कुल 12 से अधिक पंचायतों के ग्रामीण निर्भर हैं। प्रतिदिन दर्जनों मरीज उपचार के लिए यहां पहुंचते हैं, लेकिन डॉक्टरों और स्टाफ की कमी के कारण उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों की सरकार से मांग है है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में खाली चल रहे डॉक्टरों के तीनों पदों को तुरंत भरा जाए। रिक्त पड़े अन्य पदों (महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता आदि) पर भी जल्द तैनाती की जाए। केंद्र में स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी अन्य कमियों और समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।
क्षेत्र के लोगों ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग से पुरजोर मांग की है कि बरोट स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति को जल्द सुधारा जाए ताकि दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों के लोगों को समय पर बेहतर चिकित्सा मिल सके।










