सुरभि न्यूज़
नगवाईं, कुल्लू
सैंज घाटी के लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में राहत भरी खबर है। एनएचपीसी लिमिटेड के पार्बती-II पावर स्टेशन ने अपनी सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के तहत सैंज स्थित एनएचपीसी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू कर दी है। इस सुविधा के शुरू होने से घाटी की हजारों की आबादी को लाभ मिलेगा। अब स्थानीय लोगों को अल्ट्रासाउंड जांच करवाने के लिए लगभग 40 किलोमीटर दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अस्पताल में यह सुविधा सप्ताह में दो दिन सोमवार और वीरवार को उपलब्ध रहेगी।
एनएचपीसी की इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना और लोगों को घर के नजदीक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू होने से विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे न केवल मरीजों का समय बचेगा, बल्कि आने-जाने पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी कम होगा।
इस सुविधा का संचालन अनुभवी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मीरा जैन की देखरेख में किया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए चिकित्सा सेवाओं के संचालन की जिम्मेदारी संभाली है। यह सुविधा प्री-कंसेप्शन एवं प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स (पीसीपीएनडीटी) अधिनियम के सभी निर्धारित नियमों एवं प्रावधानों के अनुरूप संचालित होगी। इसके तहत आवश्यक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के साथ निर्धारित रिपोर्टिंग व्यवस्था का भी पालन किया जाएगा।
इस अवसर पर एनएचपीसी पार्बती-II पावर स्टेशन के महाप्रबंधक सुधीर कुमार नेगी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी कुल्लू डॉ. रणजीत ठाकुर, महाप्रबंधक (विद्युत) के. शाजी, महाप्रबंधक (चिकित्सा सेवाएं) डॉ. ज्योतिर्मय जैन, उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन) अरविंद कौशिक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मीरा जैन, उप महाप्रबंधक (वित्त) कमलेश धीमान, उप प्रबंधक (जनसंपर्क) जी. श्रीनिवास तथा डॉ. दीपतानू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
एनएचपीसी पार्बती-II पावर स्टेशन प्रबंधन ने कहा कि क्षेत्र में आधारभूत स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने और ग्रामीणों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए भविष्य में भी हरसंभव सहयोग जारी रखा जाएगा।
एनएचपीसी की यह पहल सैंज घाटी के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण और सराहनीय कदम है। इससे स्थानीय लोगों को समय पर जांच की सुविधा मिलने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर-दराज के अस्पतालों पर निर्भरता भी कम होगी।









