सुरभि न्यूज़
नगवाईं, 04 नवम्बर
एनएचपीसी लिमिटेड के पार्बती-2 पावर स्टेशन ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के तहत सैंज घाटी के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में सराहनीय कदम उठाया है। पावर स्टेशन प्रबंधन की ओर से सैंज स्थित एनएचपीसी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू कर दी गई है। इससे क्षेत्र की हजारों की आबादी को लाभ मिलेगा।
अब सैंज घाटी के लोगों को अल्ट्रासाउंड जांच करवाने के लिए लगभग 40 किलोमीटर दूर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। अस्पताल में यह सुविधा सप्ताह में दो दिन सोमवार और वीरवार को उपलब्ध रहेगी। इससे विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। स्थानीय स्तर पर जांच की सुविधा मिलने से लोगों का समय और आने-जाने पर होने वाला खर्च भी बचेगा।
इस सुविधा का संचालन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मीरा जैन की देखरेख में किया जाएगा। उन्होंने अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारू संचालन की जिम्मेदारी संभाली है। अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा प्री-कंसेप्शन एवं प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स (पीसीपीएनडीटी) अधिनियम के निर्धारित नियमों एवं प्रावधानों के अनुरूप संचालित होगी। इसके तहत सभी आवश्यक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के साथ निर्धारित रिपोर्टिंग व्यवस्था का भी पालन किया जाएगा।
एनएचपीसी पार्बती-2 पावर स्टेशन प्रबंधन के अनुसार इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना और लोगों को उनके घर के नजदीक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। प्रबंधन ने आश्वस्त किया कि क्षेत्र में आधारभूत स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और ग्रामीणों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए भविष्य में भी हरसंभव सहयोग जारी रखा जाएगा।
इस अवसर पर एनएचपीसी पार्बती पावर स्टेशन के महाप्रबंधक सुधीर कुमार नेगी, सीएमओ कुल्लू डॉ. रणजीत ठाकुर, के. शाजी, महाप्रबंधक (विद्युत), डॉ. ज्योतिर्मय जैन, महाप्रबंधक (चिकित्सा सेवाएं), अरविंद कौशिक, उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन), डॉ. मीरा जैन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कमलेश धीमान, उप महाप्रबंधक (वित्त), जी. श्रीनिवास, उप प्रबंधक (जनसंपर्क), डॉ. दीपतानू सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
एनएचपीसी की इस पहल को सैंज घाटी में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में महत्वपूर्ण एवं जनहितकारी कदम माना जा रहा है।








