सुरभि न्यूज़
शिमला, 05 नवम्बर
हिमाचल उपभोक्ता संरक्षण परिषद शिमला ने केंद्र सरकार द्वारा कैंसर के उपचार में इस्तेमाल होने वाली जीवनरक्षक दवाओं की कीमतों में की गई भारी कटौती का स्वागत किया है। परिषद ने इस जनहितैषी फैसले के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का आभार व्यक्त किया है। परिषद का कहना है कि सरकार का यह निर्णय गरीब, मध्यमवर्गीय और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगा।
परिषद के अध्यक्ष जोगेन्द्र कंवर और उपाध्यक्ष रणजीत सिंह धीमान ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि कैंसर की 137 दवाओं के 543 ब्रांडों की कीमतों में कटौती तथा गैर-अनुसूचित कैंसर दवाओं पर व्यापारिक मार्जिन अधिकतम 30 प्रतिशत तक सीमित करने का निर्णय सराहनीय है। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का इलाज बेहद महंगा होने के कारण मरीजों और उनके परिवारों को भारी आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में दवाओं की कीमतों में कमी से मरीजों को काफी राहत मिलेगी।
उन्होंने बताया कि कैंसर के उपचार में इस्तेमाल होने वाली कई महत्वपूर्ण दवाओं के दामों में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है। स्तन कैंसर, रक्त कैंसर, फेफड़ों के कैंसर और अन्य ट्यूमर के उपचार में इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाओं के चुनिंदा ब्रांडों की कीमतों में 93 प्रतिशत तक की कमी हो सकती है। इससे विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को लाभ मिलेगा।
कंवर और धीमान ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार दवाओं की नई कीमतें 9 नवम्बर, 2026 से प्रभावी होंगी। दवा निर्माता कंपनियों को संशोधित कीमतें प्रकाशित करना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा अस्पतालों को अपनी फार्मेसी और वेबसाइट पर भी दवाओं की नई दरें प्रदर्शित करनी होंगी।
परिषद ने प्रदेश के सभी अस्पतालों, केमिस्टों और स्वास्थ्य केंद्रों से अपील की है कि वे सरकार द्वारा निर्धारित नई कीमतों के अनुसार ही मरीजों को दवाएं उपलब्ध करवाएं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को भी इस फैसले का पूरा लाभ मिले।
परिषद ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए दवाओं की कीमतों में कमी एक महत्वपूर्ण राहत है और इससे इलाज का आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिलेगी।









