सुरभि न्यूज़
बिलासपुर, 03 नवम्बर
जिला प्रशासन बिलासपुर ने आगामी त्योहारों के मद्देनजर पटाखों के उपयोग, बिक्री और भंडारण को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए जिला दंडाधिकारी (डीएम) बिलासपुर किरण भड़ाना ने ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023’ की धारा 163 के तहत यह पाबंदी और समय-सारणी निर्धारित की है। जारी आदेश तत्काल प्रभाव से 9 नवंबर तक लागू रहेगा।
दीपावली और अन्य त्योहारों के लिए निर्धारित समय
- दीपावली (8 नवंबर): रात 8:00 बजे से 10:00 बजे तक।
- गुरु पर्व (24 नवंबर): सुबह 4:00 से 5:00 बजे तक और रात 9:00 से 10:00 बजे तक।
- क्रिसमस (25-26 दिसंबर): मध्य रात्रि 11:55 बजे से 12:30 बजे तक।
- नववर्ष (31 दिसंबर से 1 जनवरी): मध्य रात्रि 11:55 बजे से 12:30 बजे तक।
ध्वनि सीमा और प्रतिबंध नियम
जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, 125 डेसीबल या 145 डेसीबल (पीक) से अधिक आवाज पैदा करने वाले पटाखों की बिक्री व उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। लड़ी या श्रृंखलाबद्ध पटाखों के उपयोग पर निर्धारित ध्वनि सीमा को पटाखों की संख्या के अनुसार 5 लॉग 10 डेसीबल तक कम करना अनिवार्य होगा। तय समयावधि के अलावा आतिशबाजी करने पर सख्त मनाही रहेगी।
’साइलेंस जोन’ और संवेदनशील इलाकों में रोक
अस्पतालों, शिक्षण संस्थानों, अदालतों और धार्मिक स्थलों के 100 मीटर के दायरे (‘साइलेंस जोन’) में किसी भी समय पटाखे चलाने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा, जिला के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और आग लगने की आशंका वाले संवेदनशील स्थानों पर भी पटाखे चलाने पर पूरी तरह रोक रहेगी।
पटाखों की बिक्री के लिए लाइसेंस और सुरक्षा गाइडलाइन्स mandatory
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संबंधित उपमंडल मजिस्ट्रेट (SDM) से वैध लाइसेंस प्राप्त किए बिना कोई भी व्यक्ति पटाखों की बिक्री या भंडारण नहीं कर सकेगा। दुकानदारों और स्टॉल संचालकों को विस्फोटक नियम, 2008 तथा हिमाचल प्रदेश सरकार के गृह विभाग द्वारा जारी सुरक्षा सावधानियों का पालन करना अनिवार्य होगा।
सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्रों व नगरों में पटाखों की बिक्री के लिए सुरक्षित और उपयुक्त स्थान चिन्हित करने तथा इसकी जानकारी जनता व व्यापारियों तक समय पर पहुँचाने के निर्देश भी दिए गए हैं।










