दादी से पोती तक
डॉ. सुषमा मिश्र मेरी दादी आई थी अपने ससुराल पालकी में बैठकर, माँ आई थी बैलगाड़ी में, मैं कार में आई, मेरी बेटी हवाईजहाज से, मेरी पोती हनीमून की ट्रिप पर उड़गई अंतरीक्ष में। कच्चे मकान में दादी की जिंदगी गुजर गई पक्के मकान में रही माँ मुझे मिला मोजाइकContinue Reading















