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सुरभि न्यूज़
कुल्लू, 16 दिसम्बर
डॉ. ऋतु गुप्ता, उप कृषि निदेशक ज़िला कुल्लू ने जानकारी देते हुए बताया कि एग्रीस्टैंक (Agristack) भारत सरकार द्वारा बनाया गया एक डिजिटल प्लेटफार्म इकोसिस्टम है, जिसका लक्ष्य भारतीय कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाना और किसानों की मदद करना है, जिसके लिए एक एकीकृत डेटाबेस बनाया जा रहा है जिसमें किसान, जमीन, फसल और सरकारी योजनायों से जुडी सारी जानकारी एक जगह उपलब्ध होगी ताकि किसानों को बेहतर सेवाएं जैसे सस्ता ऋण, सही सलाह और बाज़ार तक पहुँच मिल सके और सरकार भी योजनायों को बेहतर ढंग से लागू सके।
उन्होंने कहाकि इसी प्रणाली के तेहत कृषि विभाग भी किसानों को फार्मर आई डी बनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। फार्मर रजिस्ट्री एक ऐसा डिजिटल प्लेटफार्म है जो किसानों के खेत, फसल और भूमि के विवरण को एक जगह दर्ज करता है जिससे किसानों की एक विशेष डिजिटल पहचान बनती है। इसका मुख्य उद्देश्य पी एम किसान, फसल बीमा जैसी तमाम सरकारी योजनायों का लाभ पारदर्शी तथा समयबद्ध तरीके से सीधे लाभार्थियों तक पहुँचाना है। फार्मर रजिस्ट्रेशन से किसानों की पहचान और प्रमाणीकरण की प्रक्रिया सरल हो जाएगी जिससे योजनायों का लाभ दिलाने में आसानी होगी।
उप कृषि निदेशक ज़िला कुल्लू डॉ. ऋतु गुप्ता ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि Agristack योजना के तहत किसान रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसके लिए जिला के सभी किसान फार्मर रजिस्ट्री आई डी बनवाने के लिए अपने नजदीकी लोक मित्र केंद्र/जन सुविधा केंद्र (CSC) जाएँ तथा अपना अपना निःशुल्क पंजीकरण करवाएं।
इस यूनिक आई डी को बनवाने के लिए किसानों को कुछ ज़रूरी डिटेल्स देनी होगी। इसमें आधार कार्ड, भूमि के दस्तावेज़ (खसरा खतौनी नं) तथा आधार लिंक्ड मोबाइल नंबर (OTP प्राप्त करने के लिए) की आवश्यकता होगी। एक बार यह आई डी बन जाने के बाद ही पात्र किसान प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि योजना अथवा अन्य केंद्र योजनायों का लाभ आसानी से उठा सकते हैं।












