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सुरभि न्यूज़
केलांग, 04 अप्रैल
जिला उपमंडल दंडाधिकारी लाहौल-स्पीति ,कुनिका ऐकर्स ने सभी विभागाध्यक्षों, संस्थाओं एवं पंचायती राज प्रतिनिधियों को जानकारी देते हुए कहा है कि भयावह कांगड़ा भूकंप – जिसमें 20,000 से अधिक लोगों की जान गई थी – की 121वीं वर्षगांठ पर 4 अप्रैल 2026 को पूरे जिले में “आपदा जागरूकता दिवस” के रूप में मनाया गया।
यह पहल हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (HPSDMA) के दिशा-निर्देशों पर आधारित है, जो भूकंपप्रवण क्षेत्र में रहने वाले निवासियों को सतर्क बनाने का उद्देश्य रखती है। इस अवसर पर जिले के सभी खण्डों , पंचायतों, शहरी क्षेत्रों एवं सीमावर्ती इलाकों में व्यापक जागरूकता एवं तैयारी गतिविधियां आयोजित की गई, जिनमें शेक आउट ड्रिल (“ड्रॉप, कवर एंड होल्ड ऑन”) प्रमुख रही। यह अभ्यास 4 अप्रैल को सुबह ठीक 11:00 बजे पूरे जिले में एक साथ किया गया। इसके अलावा सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में एवेक्यूएशन ड्रिल की गयी , जिसमें सुरक्षित निकासी मार्गों का अभ्यास शामिल किया गया।
4 अप्रैल 1905 को आए कांगड़ा भूकंप में लगभग 20,000 लोगों की मृत्यु हुई थी। इस विनाशकारी घटना की स्मृति में आज उपमंडल स्तर पर भारी बर्फभारी के बीच भूकंप जागरूकता एवं आपदा प्रबंधन से संबंधित अभ्यास (मॉक एक्सरसाइज) तथा जागरुकता रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में डीसी एवम् एसडीएम कार्यालय के प्रतिनिधियों सहित विभिन्न विभागों अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया।
जिला उपमंडल दंडाधिकारी कुनिका ऐकर्स द्वारा कार्यक्रम के दौरान भूकंप जैसी आपदा के समय अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई तथा लोगों को आपदा के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया। और उन्होंने संबोधन करते हुए कहा कि आज का यह दिवस हमारी औपचारिकता नहीं है। साथ ही सभी से आग्रह किया कि इस अभ्यास में आपको भाग लेना है । अभ्यास के माध्यम से बताया गया कि आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया (Response) और समन्वय अत्यंत आवश्यक है, ताकि जनहानि एवं नुकसान को कम किया जा सके।
उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में आता है, इसलिए सभी को सतर्क और तैयार रहना आवश्यक है। तथा वर्तमान में भूकंपीय क्षेत्र (Seismic Zone) को IV से V श्रेणी में उन्नत किए जाने के संदर्भ में आपदा से बचाव एवं रोकथाम (Prevention of Disaster) पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। कि आपदा के दौरान घबराने के बजाय सुरक्षित स्थान पर जाना तथा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को भूकंप से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना तथा भविष्य में आने वाली आपदाओं के लिए तैयार करना रहा। उदयपुर में मॉक ड्रिल तथा उपमंडल केलांग में भूकंप जागरूकता के उद्देश्य से एक जागरूकता रैली का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों द्वारा ‘भूकंप से बचो तुम, खुद को बचाओ तुम’ का नारा दिया गया। यह जागरूकता रैली भारी बर्फभारी के बीच डीसी कार्यालय से रास बिहारी बोस चौक तक आयोजित की गई। इस रैली में सभी अधिकारियों व कर्मचारियों ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया।
इस कार्यक्रम में उप पुलिस अधीक्षक रश्मि शर्मा, अधिशाषि अभियंता विद्युत सूर्या शर्मा, तहसीलदार केलांग विकास कुमार, महिला मंडल अपर केलांग व विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

















