सुरभि न्यूज़
केलांग, 31 जुलाई
जिला लाहौल-स्पीति के संसारीनाला–किलाड़–थिरोट–तांदी मार्ग पर स्थित जाहलमा नाला के ऊपर 120 फुट लंबा स्थायी बैली ब्रिज बनकर तैयार हो गया है। शुक्रवार को जिला उपायुक्त किरण भड़ाना ने विधिवत रिबन काटकर इस पुल का लोकार्पण किया और जनता को समर्पित किया। पुल के चालू होने से क्षेत्र के किसानों, बागवानों, पर्यटकों और आम नागरिकों को बड़ी राहत मिली है।
प्राथमिक तौर पर तकनीकी जांच के बाद फिलहाल पुल से हल्के वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई है। प्रशासन के अनुसार लगभग एक सप्ताह के भीतर इस पर भारी वाहनों का परिचालन भी शुरू कर दिया जाएगा।
मई में बाढ़ से बह गया था पुराना पुल
उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष 26 मई को क्षेत्र में हुई भारी बारिश और भूस्खलन के कारण जाहलमा नाला में विकराल बाढ़ आ गई थी, जिससे वहां बना पुराना पुल पूरी तरह बह गया था। इसके चलते लाहौल घाटी का संपर्क कटने से स्थानीय लोगों, पर्यटकों और विशेषकर किसानों-बागवानों को अपनी फसलें मंडियों तक पहुंचाने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। नए पुल के बनने से अब कृषि व बागवानी उत्पादों का परिवहन फिर से सुचारु हो जाएगा।
बीआरओ की मुस्तैदी और कर्मयोगियों का सम्मान
समारोह के दौरान उपायुक्त किरण भड़ाना ने विपरीत मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच रिकॉर्ड समय में काम पूरा करने के लिए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के अधिकारियों, इंजीनियरों और मजदूरों की जमकर सराहना की। लगभग 2.50 करोड़ रुपये की लागत से बने इस पुल का निर्माण बीआरओ ने दिन-रात एक करके पूरा किया है। निर्माण कार्य के दौरान बीआरओ ने वैकल्पिक अस्थायी मार्ग को भी लगातार चालू रखा, जिससे लोगों को कम से कम परेशानी हुई।
इस अवसर पर उपायुक्त ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले कनिष्ठ अभियंताओं और श्रमिकों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित भी किया।
लोकार्पण समारोह में ये रहे मौजूद
लोकार्पण के इस खास मौके पर पुलिस अधीक्षक शिवानी मेहला, एसडीएम (केलांग) कुनिका एकर्स, 38 बीआरटीएफ के कमांडर कर्नल प्रकुल दीक्षित, 94 बीआरओ के ओसी मेजर पारस कोचर, वनमंडलाधिकारी (केलांग) इंद्रजीत सीरा सहित बीआरओ के अन्य अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। पुल शुरू होने से पूरी घाटी में खुशी की लहर है।










