सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, शिमला
हिमाचल प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस और न्यायपालिका की सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। शिमला की एक अदालत ने करीब दो साल पुराने चरस तस्करी के मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी को 12 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
मामला 24 अक्टूबर 2024 का है, जब शिमला जिले के पुलिस थाना चड़गांव की टीम ने गश्त के दौरान एक व्यक्ति के कब्जे से 5.5 किलोग्राम चरस बरामद की थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम की धारा 20 और 29 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। गहन जांच और साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल किया था।
मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-1, शिमला की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों और दलीलों के आधार पर अदालत ने आरोपी सोहन दास (57 वर्ष), निवासी उत्तरकाशी (उत्तराखंड) को दोषी करार दिया जिसमें 12 वर्ष का कठोर कारावास के साथ 1 लाख रुपये की सख्त सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को 3 वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
मामले की जानकारी देते हुए एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने कहा कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस का अभियान पूरी सख्ती से जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के काले कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है और ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।











