सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, सोलन
एंटी चिट्टा अभियान के तहत जिला पुलिस सोलन ने मादक पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस एक्ट) के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए व्यापक वित्तीय जांच (Comprehensive Financial Investigation) के बाद ₹47.76 लाख से अधिक की संदिग्ध बैंकिंग परिसंपत्तियां, वित्तीय निवेश और अचल संपत्ति फ्रीज कर दी है। यह कार्रवाई मादक पदार्थ अधिनियम की अध्याय V-A के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य नशा तस्करी से अर्जित अवैध संपत्ति पर शिकंजा कसना और तस्करों के आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करना है।
पुलिस के अनुसार, 10 मार्च 2026 को दाड़लाघाट क्षेत्र में एसआईयू टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कराड़ाघाट के पास नाकाबंदी कर एक ट्रक और आल्टो कार को रोका। तलाशी के दौरान ट्रक से 1.980 किलोग्राम चरस और 935 ग्राम अफीम बरामद हुई। ट्रक चालक कमलेश कुमार को मौके पर गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि आल्टो चालक मनोज कुमार फरार हो गया। इस संबंध में थाना दाड़लाघाट में मादक पदार्थ अधिनियम की धारा 18, 20 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया।
जांच में सामने आया कि मनोज कुमार नशा तस्करी के नेटवर्क का सक्रिय सदस्य था और ट्रक को अपनी कार से पायलट कर रहा था। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, सीडीआर और डिजिटल विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने 23 मार्च 2026 को मनोज कुमार (40) को सोलन से गिरफ्तार किया।
₹2.05 करोड़ का संदिग्ध लेन-देन
वित्तीय जांच में खुलासा हुआ कि मनोज कुमार के बैंक खाते में 1 जनवरी 2023 से 10 मार्च 2026 के बीच करीब ₹2.05 करोड़ का संदिग्ध लेन-देन हुआ, जो उसकी ज्ञात आय के अनुरूप नहीं पाया गया। उसकी पत्नी के खातों में ₹58 लाख के लेन-देन, कई फिक्स्ड डिपॉजिट और अन्य निवेश भी सामने आए। आरोपी के फरार होने के बाद कुछ एफडी समय से पहले तुड़वाने की जानकारी भी जांच में मिली।
जांच के दौरान आरोपी की बहन के खातों में भी संदिग्ध लेन-देन पाए गए। वहीं, जिला बिलासपुर के घुमारवीं क्षेत्र में उसके नाम खरीदी गई करीब 5 बिस्वा भूमि का भी खुलासा हुआ, जिसकी कीमत विक्रेता के अनुसार ₹28 लाख थी। आरोपी के पिता के खातों में ₹48 लाख से अधिक के संदिग्ध लेन-देन और बार-बार नकद जमा होने के तथ्य भी सामने आए। पुलिस ने आरडी, पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस, सुकन्या समृद्धि योजना, आईपीपीबी खातों सहित अन्य निवेशों की भी जांच की।
मुख्य सप्लायर से आर्थिक संबंध उजागर
जांच के दौरान मुख्य सप्लायर दत्त राम, निवासी बंजार (जिला कुल्लू), जो फिलहाल फरार है और जिसके खिलाफ उद्घोषणा आदेश जारी हो चुके हैं, उसके परिवार के बैंक खातों की भी जांच की गई। पुलिस को मनोज कुमार और उसकी पत्नी से जुड़े कई संदिग्ध वित्तीय लेन-देन मिले, जिससे दोनों परिवारों के बीच आर्थिक संबंधों के संकेत मिले। दत्त राम और उसके परिवार से जुड़ी ₹2.44 लाख की संदिग्ध संपत्ति भी फ्रीज की गई।
कुल ₹47.76 लाख की संपत्ति फ्रीज
समग्र जांच के बाद पुलिस ने मनोज कुमार, उसके परिवार तथा मुख्य सप्लायर दत्त राम और उसके परिवार से संबंधित ₹47.76 लाख से अधिक की बैंकिंग परिसंपत्तियां, वित्तीय निवेश और अचल संपत्ति फ्रीज कर मामले को आगे की कार्रवाई के लिए Competent Authority & Administrator, New Delhi को भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक दो मामलों में 13 आरोपियों/सहयोगियों की कुल ₹1.15 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति फ्रीज की जा चुकी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करी से अर्जित अवैध संपत्तियों की पहचान, फ्रीजिंग और जब्ती के साथ-साथ तस्करों के वित्तीय नेटवर्क को ध्वस्त करने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।











