जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए बढ़े सब्सिडी की मांग, किसान खेत संरक्षण योजना से बना रहे दूरी

Listen to this article

सुरभि न्यूज़
खुशी राम ठाकुर, बरोट

प्रदेश सरकार द्वारा जंगली जानवरों और लावारिस पशुओं से फसलों की सुरक्षा के उद्देश्य से शुरू की गई खेत संरक्षण योजना को अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही है। योजना के तहत किसानों के खेतों की बाड़बंदी कर उसमें विद्युत प्रवाहित करने की व्यवस्था की जानी है, लेकिन अधिक लागत और कम सरकारी अनुदान के कारण अधिकांश किसान इस योजना का लाभ लेने से पीछे हट रहे हैं।

योजना के अनुसार बाड़बंदी पर होने वाले कुल खर्च का 60 प्रतिशत सरकार तथा 40 प्रतिशत किसान वहन करते हैं। किसानों का कहना है कि इतनी बड़ी राशि स्वयं खर्च करना उनके लिए संभव नहीं है, इसलिए वे योजना में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।

बैजनाथ स्थित विषयवाद विशेषज्ञ रेणू शर्मा ने बताया कि बैजनाथ उपमंडल में पिछले लगभग तीन वर्षों से इस योजना के लिए करीब 20 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि किसानों को योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए, लेकिन कम सब्सिडी के कारण इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है।

वहीं, क्षेत्र के किसान और पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि सरकार का योगदान 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत किया जाए तथा किसानों का अंश केवल 20 प्रतिशत रखा जाए। उनका मानना है कि इससे अधिक किसान अपने खेतों की बाड़बंदी कर सकेंगे और जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।

किसानों ने प्रदेश सरकार से योजना की शर्तों में संशोधन कर सब्सिडी बढ़ाने की मांग की है, ताकि अधिक से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठाकर अपनी मेहनत की फसल को नुकसान से बचा सकें।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *