सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, कुल्लू
जिला कुल्लू के 15 मील में रविवार को खेल और जोश का अद्भुत संगम देखने को मिला। यहां छठी राज्य स्तरीय कुराश चैंपियनशिप का भव्य शुभारंभ हुआ। दो दिवसीय प्रतियोगिता का आगाज मुख्य अतिथि सहायक आयुक्त एवं एसडीएम डॉ. जयबंती ठाकुर ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. जयबंती ठाकुर ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के डिजिटल दौर में बच्चे अधिक स्क्रीन टाइम, सुस्त जीवनशैली और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे समय में युवाओं को खेलकूद और शारीरिक गतिविधियों से जोड़ना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि कुराश जैसी खेल प्रतियोगिताएं युवाओं को शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ अनुशासन, आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती भी प्रदान करती हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें, ताकि युवा नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सकें।
कुराश एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश के महासचिव वीरेंद्र सिंह धौलटा ने बताया कि दो दिवसीय राज्य स्तरीय चैंपियनशिप में किन्नौर को छोड़कर प्रदेश के 11 जिलों से करीब 550 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर आगामी राष्ट्रीय और विश्व कुराश चैंपियनशिप के लिए हिमाचल प्रदेश की आधिकारिक टीम का चयन किया जाएगा।
प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर कुराश संघ के महासचिव वीरेंद्र धौलटा, कोषाध्यक्ष एवं कुल्लू जिला कुराश संघ के महासचिव हरदेव नेगी, तकनीकी निदेशक धनीराम, डीआर आनंद और राजेंद्र ठाकुर सहित विभिन्न जिलों से आए कोच एवं प्रबंधक मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि वीरेंद्र धौटा, हरदेव नेगी और धनीराम कुराश खेल के अंतरराष्ट्रीय रेफरी हैं। उन्होंने राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। इसके साथ ही वे हजारों बच्चों को कुराश से जोड़कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
महासचिव वीरेंद्र सिंह धौलटा ने जानकारी देते हुए बताया कि कुराश मध्य एशिया, विशेषकर उज्बेकिस्तान का प्राचीन मार्शल आर्ट है। यह जूडो और कुश्ती का मिला-जुला रूप माना जाता है। इसमें खिलाड़ी जैकेट पकड़कर दांव लगाते हैं और प्रतिद्वंद्वी को पीठ के बल गिराने का प्रयास करते हैं। कुराश में शारीरिक ताकत के साथ तकनीक, संतुलन और मानसिक एकाग्रता का भी महत्वपूर्ण योगदान रहता है। मुख्य अतिथि डॉ. जयबंती ठाकुर ने आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं।










