कहानी ‘उपहास’ पर आधारित नाटक ‘उपहास’ को गेयटी थिएटर में दूसरा स्थान
बाल रंगमंच-2026 में सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, शिमला की प्रस्तुति पुरस्कृत; अदविक चौहान को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता श्रेणी में मिला दूसरा स्थान
शिमला/नालागढ़। हिमाचल प्रदेश के साहित्य और रंगमंच जगत के लिए गौरव की बात है कि लेखक की कहानी ‘उपहास’ पर आधारित नाटक को शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थिएटर में आयोजित बाल रंगमंच-2026 प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल हुआ है। नाटक को एडॉप्शन श्रेणी में द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही नाटक में सरदार जी (पंजाबी पर्यटक) की भूमिका निभाने वाले छात्र अदविक चौहान को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता श्रेणी में दूसरा स्थान मिला।
कीकली चैरिटेबल ट्रस्ट, शिमला और भाषा विभाग के संयुक्त सौजन्य से 7 से 9 अक्टूबर तक आयोजित बाल रंगमंच-2026 में हिमाचल प्रदेश के 16 लेखकों की कहानियों का चयन किया गया। इन कहानियों के आधार पर प्रदेश के 16 स्कूलों के विद्यार्थियों ने नाटक तैयार किए, जिन्हें तीन दिनों तक ऐतिहासिक गेयटी थिएटर के मंच पर प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कहानी ‘उपहास’ पर आधारित नाटक की प्रस्तुति से हुआ।
इस नाटक का मंचन सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, शिमला के विद्यार्थियों ने किया। नाटक में विवेक मोहन ने क्रिएटिव डायरेक्टर की भूमिका निभाई, जबकि रजनी ठाकुर और रंजना शर्मा ने संयुक्त रूप से निर्देशन किया। कलाकारों की प्रस्तुति, निर्देशन और कहानी के नाट्य रूपांतरण को मिली सराहना ने इस उपलब्धि को विशेष बना दिया।
दिव्या जगदाले ने दिया सकारात्मक संदेश
बाल रंगमंच-2026 में सुप्रसिद्ध अभिनेत्री एवं रंगकर्मी दिव्या जगदाले मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने अपनी कहानी ‘दूध की कहानी’ का पाठ करते हुए उपस्थित लोगों को सकारात्मक संदेश दिया। कार्यक्रम में शिमला के वरिष्ठ रंगकर्मी एवं साहित्यकार श्रीनिवास जोशी सहित कई रंगकर्मी मौजूद रहे।
कीकली चैरिटेबल ट्रस्ट की अध्यक्ष वंदना भागड़ा अपनी पूरी टीम के साथ आयोजन के दौरान सक्रिय रहीं। तीन दिनों तक चले इस कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों को अपनी अभिनय प्रतिभा प्रदर्शित करने और साहित्य को रंगमंच के माध्यम से प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
नालागढ़ क्षेत्र के तीन लेखकों की कहानियां चयनित
इस आयोजन में नालागढ़ क्षेत्र के लिए भी विशेष उपलब्धि रही। यहां के तीन लेखकों की कहानियों को प्रतियोगिता के लिए चुना गया और उनका सफलतापूर्वक मंचन हुआ।
इनमें ‘उपहास’ के अलावा ‘ए ट्रिप टू शिमला’ और ‘अनसीन कर्स’ कहानियां शामिल रहीं। ‘ए ट्रिप टू शिमला’ की लेखिका दून वैली पब्लिक स्कूल की दसवीं कक्षा की छात्रा शगुन रनोट हैं, जबकि ‘अनसीन कर्स’ की लेखिका बद्दी स्थित चित्कारा यूनिवर्सिटी की छात्रा कीरतनूर कौर हैं। ‘अनसीन कर्स’ के लिए कीरतनूर कौर को विशेष जूरी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
एक ही क्षेत्र के तीन लेखकों की रचनाओं का चयन और उनका मंचन साहित्य के प्रति युवाओं की रुचि तथा क्षेत्र की रचनात्मक प्रतिभा को सामने लाने वाला महत्वपूर्ण अवसर रहा।
इससे पहले भी गेयटी थिएटर में पुरस्कृत हो चुकी हैं कहानियां
लेखक के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि इससे पहले भी उनकी दो कहानियां गेयटी थिएटर, शिमला में मंचित होकर पुरस्कार प्राप्त कर चुकी हैं। वर्ष 2023 में कहानी ‘कैंथ का पेड़’ और वर्ष 2024 में ‘धर्मराज के दरबार में’ का मंचन किया गया था। दोनों कहानियों को परफॉर्मेंस श्रेणी में प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ था।
लेखक ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पाठकों, शुभचिंतकों और साहित्य प्रेमियों के आशीर्वाद का परिणाम बताया। ‘उपहास’ को मिले सम्मान से एक बार फिर यह साबित हुआ है कि साहित्यिक कहानियां जब रंगमंच के माध्यम से जीवंत होती हैं, तो वे व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचने के साथ-साथ नई पीढ़ी को साहित्य और अभिनय से जुड़ने का अवसर भी प्रदान करती हैं।
संपादकीय सुझाव: समाचार को प्रकाशित करने से पहले लेखक का नाम और स्थान जोड़ दें, ताकि खबर में उनका साहित्यिक परिचय स्पष्ट हो सके।
2026-10-10









