सुरभि न्यूज़
खुशी राम ठाकुर, बरोट
मंडी जिला के पद्धर उपमंडल में टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के उद्देश्य से नागरिक अस्पताल पद्धर के सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एसडीएम पद्धर सुरजीत सिंह ने की। इस दौरान जोश टीम के शुभारंभ को लेकर चर्चा की गई तथा टीम में शामिल पांच एनसीसी कैडेट्स और पांच माय भारत वॉलंटियर्स को टीबी रोग के प्रति जागरूक किया गया।
एसडीएम सुरजीत सिंह ने युवाओं से आह्वान किया कि वे टीबी उन्मूलन अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें और आम लोगों को इस बीमारी के लक्षणों, बचाव, समय पर जांच तथा उचित उपचार के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि टीबी के खिलाफ लड़ाई में जागरूकता सबसे महत्वपूर्ण हथियार है। यदि बीमारी के लक्षण सामने आने पर समय रहते जांच और उपचार करवाया जाए, तो इसके प्रसार को रोकने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य केवल स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों से हासिल नहीं किया जा सकता। इसके लिए समाज के प्रत्येक वर्ग, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, युवाओं और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करें और टीबी से जुड़े भ्रम तथा गलत धारणाओं को दूर करने में सहयोग दें।
बैठक के दौरान एसडीएम पद्धर सुरजीत सिंह ने टीबी मुक्त पंचायत बनने पर बरोट, चुक्कू, कुफरी, रोपा और डलाह पंचायतों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इन पंचायतों को सम्मानित करना टीबी उन्मूलन की दिशा में किए गए प्रयासों को प्रोत्साहित करने की पहल है।
बरोट पंचायत के पूर्व प्रधान डॉ. रमेश ठाकुर और उनकी पूरी टीम के प्रयासों को भी पंचायत को टीबी मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण बताया गया। स्थानीय स्तर पर जागरूकता और सामुदायिक सहयोग से स्वास्थ्य संबंधी अभियानों को सफल बनाने में मदद मिलती है।
बरोट पंचायत के पूर्व प्रधान डॉ. रमेश ठाकुर ने पंचायत को सम्मानित किए जाने पर बरोट के समस्त ग्रामीणों, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किसी भी सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी अभियान की सफलता के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
उन्होंने बरोट पंचायत के नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों और समस्त ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें तथा सामाजिक कार्यों में हमेशा आगे रहें। उन्होंने उम्मीद जताई कि पंचायत के लोग भविष्य में भी स्वास्थ्य, स्वच्छता और जनकल्याण से जुड़े अभियानों में सक्रिय सहयोग देते रहेंगे।
टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों और युवाओं के बीच बेहतर समन्वय महत्वपूर्ण है। पद्धर में जोश टीम के माध्यम से युवाओं को इस अभियान से जोड़ने की पहल इसी दिशा में एक सकारात्मक कदम है।










