सुरभि न्यूज़
नई दिल्ली : 25 अगस्त
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजरें अब 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों और खासतौर पर फिटमेंट फैक्टर पर टिकी हैं। कर्मचारी संगठनों की ओर से 3.78 फिटमेंट फैक्टर की मांग की जा रही है, जबकि विशेषज्ञों का अनुमान है कि सरकार इसे 2.00 से 2.57 के बीच रख सकती है। संभावित बदलाव से कर्मचारियों की बेसिक पे में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।
फिटमेंट फैक्टर क्यों है महत्वपूर्ण?
फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक है जिसके आधार पर मौजूदा बेसिक पे को संशोधित किया जाता है। उदाहरण के तौर पर यदि फिटमेंट फैक्टर 2 रखा जाता है, तो मौजूदा बेसिक पे दोगुनी हो जाएगी। हालांकि इसका मतलब पूरी ग्रॉस सैलरी का दोगुना होना नहीं है, क्योंकि कुल वेतन में HRA और अन्य भत्ते भी शामिल होते हैं।
कर्मचारी संगठनों की मांग 3.78 फिटमेंट फैक्टर की है। वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार आर्थिक स्थिति और राजकोषीय बोझ को देखते हुए इससे कम फिटमेंट फैक्टर तय कर सकती है।
लेवल 3 से 6 तक संभावित बदलाव
उपलब्ध अनुमानों के अनुसार अलग-अलग पे लेवल पर कर्मचारियों की बेसिक और ग्रॉस सैलरी में बड़ा बदलाव हो सकता है।
लेवल-3: मौजूदा बेसिक पे ₹21,700 है। 2 फिटमेंट फैक्टर पर यह ₹43,400 हो सकती है। अनुमानित ग्रॉस सैलरी करीब ₹53,816 बताई जा रही है।
लेवल-4: ₹25,500 की मौजूदा बेसिक पे 2.38 फिटमेंट फैक्टर पर करीब ₹60,690 हो सकती है। अनुमानित ग्रॉस सैलरी ₹74,256 तक पहुंच सकती है।
लेवल-5: ₹29,200 की बेसिक पे 2.57 फिटमेंट फैक्टर पर करीब ₹75,044 हो सकती है। इससे कुल वेतन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी का अनुमान है।
लेवल-6: ₹35,400 की मौजूदा बेसिक पे 2.57 फिटमेंट फैक्टर पर बढ़कर करीब ₹90,978 हो सकती है। अनुमानित ग्रॉस सैलरी ₹1,12,813 तक पहुंचने की बात कही जा रही है।
डीए को लेकर भी बड़ा बदलाव
8वें वेतन आयोग के लागू होने पर मौजूदा महंगाई भत्ता (DA) शून्य से शुरू किए जाने की व्यवस्था की चर्चा है। नए वेतन ढांचे में संशोधित बेसिक पे तय होने के बाद DA की गणना नए सिरे से शुरू होगी।
हालांकि, फिटमेंट फैक्टर, वेतन में वास्तविक बढ़ोतरी और DA के समायोजन को लेकर अंतिम फैसला सरकार और 8वें वेतन आयोग की आधिकारिक सिफारिशों के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल 3.78 फिटमेंट फैक्टर कर्मचारियों की प्रमुख मांग है।
क्या होगा कर्मचारियों को फायदा?
यदि फिटमेंट फैक्टर 2 से 2.57 के बीच तय होता है तो कर्मचारियों की बेसिक पे में बड़ी बढ़ोतरी संभव है। वहीं ग्रॉस सैलरी में वास्तविक वृद्धि भत्तों और नए वेतन ढांचे के आधार पर तय होगी। इसलिए अभी सामने आ रहे वेतन आंकड़ों को संभावित अनुमान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।











