सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, केलांग : 7 सितंबर।
लाहौल-स्पीति में स्थानीय लोगों और पर्यटकों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध करवाने के लिए जिला प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में उपायुक्त कार्यालय के सम्मेलन कक्ष केलांग में उपायुक्त किरण भड़ाना की अध्यक्षता में खाद्य सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में खाद्य एवं पेय पदार्थों की गुणवत्ता, खाद्य प्रतिष्ठानों की स्वच्छता, पेयजल की गुणवत्ता, नियमित निरीक्षण, सैंपल जांच और खाद्य सुरक्षा नियमों के प्रभावी अनुपालन को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
उपायुक्त ने जिले में खाद्य एवं पेय पदार्थों के सैंपल लिए जाने की कम संख्या पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को सैंपलिंग और जांच प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित एवं प्रभावी सैंपलिंग जरूरी है। अधिकारियों को विभिन्न क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर अधिक से अधिक खाद्य पदार्थों के नमूने लेने को कहा गया।
ईट राइट अभियान को प्रभावी बनाने के निर्देश
किरण भड़ाना ने कहा कि खाद्य सुरक्षा केवल निरीक्षण और कार्रवाई तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि लोगों को जागरूक करना और जनभागीदारी बढ़ाना भी जरूरी है। उन्होंने ‘ईट राइट’ अभियान के तहत विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों से आगामी बैठक में अब तक की कार्रवाई और आगामी गतिविधियों की समयबद्ध कार्ययोजना प्रस्तुत करने को भी कहा।
पेयजल और एक्सपायरी खाद्य पदार्थों पर नजर
उपायुक्त ने सुरक्षित पेयजल को खाद्य सुरक्षा का अभिन्न हिस्सा बताते हुए जल स्रोतों और पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित करने को कहा। वहीं बाजारों और खाद्य प्रतिष्ठानों में समाप्ति तिथि पार कर चुके खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने खाद्य प्रतिष्ठानों से निकलने वाले बचे हुए खाद्य पदार्थों के सुरक्षित एवं उचित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा।
होटल-ढाबों की होगी हाइजीन रेटिंग
उपायुक्त ने होटल, रेस्तरां, ढाबों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता को दैनिक कार्यप्रणाली का अनिवार्य हिस्सा बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रतिष्ठानों की हाइजीन रेटिंग करवाकर उसे प्रमुखता से प्रदर्शित करने को कहा, ताकि स्थानीय लोगों और पर्यटकों को भोजनालय की स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा स्थिति की जानकारी मिल सके।
इसके अलावा खाद्य तेल के बार-बार इस्तेमाल पर भी निगरानी रखने और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप इसकी जांच एवं उचित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
तंबाकू और एनर्जी ड्रिंक्स की बिक्री पर निगरानी
बच्चों और युवाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए तंबाकू उत्पादों तथा अत्यधिक कैफीन युक्त एनर्जी ड्रिंक्स की बिक्री और उपलब्धता पर भी विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को बच्चों को इनके संभावित दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया।
उपायुक्त किरण भड़ाना ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को खाद्य पदार्थों के रख-रखाव, स्वच्छता, गुणवत्ता, लेबलिंग, समाप्ति तिथि और अन्य निर्धारित मानकों की नियमित जांच करने तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सुरक्षित भोजन स्वस्थ समाज की बुनियाद है। जिला प्रशासन का उद्देश्य लाहौल-स्पीति में स्थानीय निवासियों के साथ-साथ पर्यटकों को भी स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध करवाने के लिए प्रभावी एवं भरोसेमंद खाद्य सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
बैठक में एसडीएम कुनिका ऐकर्स, परियोजना अधिकारी अश्वनी कुमार, वन मंडलाधिकारी इंद्रजीत सीरा, डीएसपी केडी शर्मा, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा अनिल शर्मा, सीएमओ डॉ. एमके गांधी, जल शक्ति विभाग के एसडीओ संजय बोध, विद्युत विभाग के एसडीओ सौरभ, लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता अश्वनी कुमार गुलेरिया, उप निदेशक पशुपालन डॉ. पूनम ठाकुर, उप निदेशक बागवानी मिनाक्षी शर्मा, जिला कृषि अधिकारी चौधरी राम, एआरसीएस अखिल ठाकुर, एचआरटीसी के अंचित शर्मा, जीआईसी के जीएम सोमेश शर्मा, होटलियर एसोसिएशन के अध्यक्ष तेंजिन करपा, व्यापार मंडल अध्यक्ष प्रकाश अमची सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।











