सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, केलांग : 8 सितंबर
जिला मुख्यालय के सम्मेलन कक्ष में उपायुक्त किरण भड़ाना की अध्यक्षता में सोमवार समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में चल रहे विकास कार्यों, आधारभूत ढांचे, आपदा प्रबंधन, आवश्यक सेवाओं, सड़क सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध पूरा किया जाए और लंबित मामलों का विभागीय समन्वय से शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।
बैठक में आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी विभागाध्यक्षों को कार्यालयों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और मासिक उपस्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। बर्फबारी और आपातकालीन परिस्थितियों को देखते हुए स्नो कटर समेत आवश्यक मशीनरी की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।
उपायुक्त ने ISAT फोन और संचार व्यवस्था के शीघ्र रखरखाव व मरम्मत के निर्देश DDMA को दिए। साथ ही सभी विभागों को डीजी सेट और पोर्टेबल जनरेटर उपलब्ध रखने तथा उनकी स्थिति की रिपोर्ट देने को कहा। उपमंडल और जिला स्तर पर पर्याप्त राहत सामग्री का स्टॉक रखने तथा आपदा की स्थिति में तत्काल राहत उपलब्ध करवाने पर भी जोर दिया गया।
शाशुर मठ सड़क की समीक्षा के दौरान लोक निर्माण विभाग ने बताया कि करीब 3 किलोमीटर सड़क की टारिंग पूरी हो चुकी है, जबकि लगभग 1 किलोमीटर कार्य शेष है। उपायुक्त ने शेष कार्य के लिए वित्तीय प्रबंधों का प्रभावी फॉलोअप कर कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
अस्पताल में लिफ्ट के सिविल कार्य के पूरा होने की जानकारी दी गई। शेष विद्युत कार्य को विद्युत विंग के साथ समन्वय कर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। वहीं अस्पताल सड़क का कार्य आगामी 15 दिनों में पूरा करने की बात लोक निर्माण विभाग ने कही।
BRO-70 RCC ने बताया कि आवश्यक साइन बोर्ड लगाए जा चुके हैं और क्रैश बैरियर लगाने का कार्य जारी है। पुलिस विभाग द्वारा कोकसर समेत अन्य दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर विस्तृत दस्तावेज तैयार किया जा रहा है, जिसे BRO के साथ साझा किया जाएगा। उपायुक्त ने Road Safety Fund के लिए भेजे गए प्रस्ताव का प्रभावी फॉलोअप करने के निर्देश भी दिए।
उपायुक्त ने पशुपालन विभाग को जिले में दुग्ध उत्पादन, वितरण और मार्केटिंग के लिए उचित संसाधन उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लाहौल में प्राकृतिक एवं औषधीय चरागाहों के कारण दूध की गुणवत्ता बेहतर है। इसकी प्रभावी मार्केटिंग कर पशुपालकों को बेहतर मूल्य दिलाया जा सकता है।
बैठक में PMJVK, महिला सशक्तिकरण, MSME, वे-साइड एमेनिटीज, इको-टूरिज्म पार्क, पंचायत पुस्तकालय, बिलिंग MRF परियोजना और त्रिलोकनाथ मंदिर सौंदर्यीकरण की प्रगति की समीक्षा की गई। त्रिलोकनाथ क्षेत्र में पर्यटन एवं धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ आधारभूत सुविधाओं के विकास पर भी चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए शिविर आयोजित करने की जानकारी दी गई। उपायुक्त ने अधिक से अधिक लोगों तक योजना की जानकारी पहुंचाने और सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
उन्होंने SADA क्षेत्र में प्लास्टिक कचरे के संग्रहण, निस्तारण और पुनर्चक्रण की व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए। डॉग स्टेरिलाइजेशन कार्यक्रम और पुलिस ग्राउंड के सौंदर्यीकरण की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
बैठक में लाहौल में मलबा डंपिंग साइटों की पहचान की जानकारी दी गई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को इन स्थलों का उचित प्रबंधन और नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि सड़क किनारे और संवेदनशील क्षेत्रों में अनधिकृत रूप से मलबा न डाला जाए।
बैठक में केलांग SADA क्षेत्र की स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण, साप्ताहिक हाट में स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी, प्लास्टिक वेस्ट रीसाइक्लिंग, पर्यटन आधारभूत ढांचे तथा काजा में चुनौती आधारित गंतव्य विकास सहित विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
बैठक के अंत में उपायुक्त किरण भड़ाना ने सभी विभागाध्यक्षों को बैठक में लिए गए निर्णयों और निर्देशों पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सड़क, अस्पताल, विद्युत, आपदा प्रबंधन, पर्यटन, कृषि, पशुपालन, स्वच्छता और पर्यावरण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
बैठक में एसडीएम कुनिका ऐकर्स, परियोजना अधिकारी अश्वनी कुमार, वन मंडलाधिकारी इंद्रजीत सीरा, डीएसपी केडी शर्मा, 94 बीआरओ के मेजर पारस कोचर, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा अनिल शर्मा, सीएमओ डॉ. एमके गांधी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।











