बच्चों की जिंदगी का भविष्य अपने हाथ में रहे, बड़े सपने देखें और मेहनत करें : उपायुक्त

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सुरभि न्यूज़

प्रताप अरनोट, शिमला : 7 सितंबर।

राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला खलग में सोमवार को विद्यार्थियों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्रोटोकॉल ज्ञान सागर नेगी, एसडीएम शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा और डीएसपी गुलशन नेगी ने बच्चों से सीधा संवाद किया।

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में कभी हारने की चिंता नहीं करनी चाहिए, बल्कि हमेशा बड़ा सोचकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के जीवन में माता-पिता, भाई-बहन, दादा-दादी और परिवार की अहम भूमिका होती है। माता-पिता बच्चों को सुबह समय पर तैयार कर स्कूल भेजने से लेकर उनके भविष्य के लिए दिन-रात मेहनत करते हैं। इसलिए बच्चों को परिवार के त्याग, मेहनत और स्नेह को समझते हुए उनका सम्मान करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बच्चों की जिंदगी का ‘स्टीयरिंग’ उनके अपने हाथ में होना चाहिए। माता-पिता, शिक्षक और मार्गदर्शक केवल सही दिशा दिखा सकते हैं, लेकिन जीवन की दिशा तय करने का अधिकार स्वयं बच्चों के हाथ में है। सही और गलत की पहचान होने पर कोई दूसरा व्यक्ति उनके जीवन को गलत दिशा में नहीं ले जा सकता।
असफलता अंत नहीं, सुधार का अवसर
उपायुक्त ने कहा कि जीवन में कठिन परिस्थितियां और असफलताएं आ सकती हैं, लेकिन असफलता जीवन का अंत नहीं है। यह हमें बताती है कि अपनी मेहनत और तैयारी में कहां सुधार की जरूरत है। उन्होंने बच्चों से कहा कि अपने सपनों को ऊंचा रखें और उन्हें हासिल करने के लिए उसी स्तर की तैयारी करें।
उन्होंने विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित व्यायाम और खेलों में भाग लेने, अच्छी किताबें पढ़ने तथा सकारात्मक विचारों को साझा करने की सलाह दी। उन्होंने अपनी भाषा, संस्कृति और पहचान पर गर्व करने का आह्वान भी किया।

नशे से दूर रहने का लें दृढ़ संकल्प : एसएसपी गौरव सिंह

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने कहा कि आज बच्चों के सामने नशा और मोबाइल दो बड़ी चुनौतियां बनकर सामने आए हैं। उन्होंने बच्चों से नशा न करने और नशे से जुड़े लोगों तथा स्थानों से दूर रहने का दृढ़ संकल्प लेने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि यदि किसी बच्चे को आसपास नशे या किसी गलत गतिविधि की जानकारी मिलती है तो उसे अपने तक सीमित न रखें। इसकी जानकारी प्राचार्य, शिक्षक या कक्षा अध्यापक को दें। जरूरत पड़ने पर पुलिस को भी सूचित करें। पुलिस प्रशासन बच्चों की सुरक्षा और सहायता के लिए हमेशा तत्पर है।

सपने देखें और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत करें : एडीएम

अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी प्रोटोकॉल ज्ञान सागर नेगी ने कहा कि विद्यार्थियों को जीवन में जो भी बनना है, उसके बारे में सपने देखने चाहिए और उन्हें हासिल करने के लिए पूरी मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सपने ही जीवन में लक्ष्य और संकल्प तय करने की दिशा दिखाते हैं।

एसडीएम शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा ने कहा कि सरकारी स्कूलों में अब निजी स्कूलों की तर्ज पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। सरकारी स्कूलों में सीबीएसई बोर्ड की सुविधा के साथ आधारभूत ढांचा भी मजबूत हुआ है। ऐसे में विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ अपने सर्वांगीण विकास पर भी ध्यान देना चाहिए।
डीएसपी गुलशन नेगी ने बच्चों से कहा कि उनके साथ यदि कोई गलत व्यवहार होता है तो उसे सहन न करें, बल्कि उसका विरोध करें और तुरंत इसकी जानकारी अपने परिजनों एवं शिक्षकों को दें। उन्होंने कहा कि गलत के खिलाफ समय पर आवाज उठाना जरूरी है, क्योंकि मौन रहने पर सामने वाला उसका फायदा उठा सकता है।

स्टेट मेरिट में आने वाले विद्यार्थियों को मिलेंगे 50 हजार रुपये
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने संवाद कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रोत्साहन राशि की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मार्च 2027 में होने वाली दसवीं और जमा दो की वार्षिक परीक्षाओं में स्टेट मेरिट सूची में स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों को 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

इसके अलावा दोनों बोर्ड परीक्षाओं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले को 25 हजार रुपये, द्वितीय को 20 हजार रुपये और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि यह राशि वह अपने वेतन से विद्यार्थियों को प्रदान करेंगे। उन्होंने बताया कि मशोबरा स्कूल के विद्यार्थियों को भी इस प्रकार की प्रोत्साहन राशि दी जा चुकी है।

उपायुक्त ने स्कूल परिसर के विस्तारीकरण के लिए खंड विकास कार्यालय की ओर से 5 लाख रुपये उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया। साथ ही स्कूल की लाइब्रेरी के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित नई पुस्तकों की खरीद हेतु बजट उपलब्ध करवाने की बात कही। इस अवसर पर स्कूल के प्रधानाचार्य कुलभूषण शर्मा, स्कूल स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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