सुरभि न्यूज़
चांदपुर : बिलासपुर
जिला भाषा विभाग और कल्याण कला मंच के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को भाषा विभाग के कॉन्फ्रेंस हॉल में साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान कल्याण कला मंच के साझा बाल कविता संग्रह ‘रंग बिरंगे फूल’ तथा अमरनाथ धीमान द्वारा रचित पहाड़ी गजल एवं कविता संग्रह ‘दिला रियां गल्लां’ और ‘मेरिया अम्मा री पछ्याण’ का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में हॉल खचाखच भरा रहा और सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चले आयोजन में साहित्य प्रेमी अंत तक मौजूद रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हिमाचल के विख्यात बाल साहित्यकार पवन चौहान रहे। जिला भाषा अधिकारी नीलम चंदेल, साहित्य शिरोमणि सम्मान से अलंकृत डॉ. लेख राम शर्मा तथा मंडी से प्रकाशित पत्रिका ‘बागर’ के संपादक एवं शिक्षाविद प्रकाश धीमान विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कल्याण कला मंच के निदेशक सुरेंद्र मिन्हास ने की, जबकि राकेश मन्हास ने मंच संचालन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और सूबेदार बिरी सिंह चंदेल की मंगल ध्वनि से हुआ। कल्याण कला मंच की ओर से सभी मंचासीन अतिथियों का दिव्य चुनरी, बैज, पुष्पहार और आकर्षक डायरी भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया गया।
सबसे पहले अमरनाथ धीमान की पुस्तक ‘दिला रियां गल्लां’ का विमोचन किया गया, जिसकी समीक्षा शिक्षाविद् जीत राम सुमन ने की। इसके बाद उनकी दूसरी पुस्तक ‘मेरिया अम्मा री पछ्याण’ का लोकार्पण किया गया, जिसकी सारगर्भित समीक्षा सुरेंद्र मिन्हास ने प्रस्तुत की। अंत में कल्याण कला मंच द्वारा प्रकाशित साझा बाल कविता संग्रह ‘रंग बिरंगे फूल’ का लोकार्पण हुआ। इसकी समीक्षा अनिल शर्मा नील ने की।
इस अवसर पर अमरनाथ धीमान ने अपने माता-पिता को याद करते हुए उनके जीवन संघर्ष का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वह आज जो कुछ भी लिख पा रहे हैं, उसमें उनके स्वर्गीय माता-पिता का महत्वपूर्ण योगदान है।
मंच के निदेशक सुरेंद्र मिन्हास ने कहा कि ‘रंग बिरंगे फूल’ को तैयार करना आसान कार्य नहीं था। साझा संग्रह में 30 बाल साहित्यकारों को जोड़ना, उन्हें विशेषज्ञों से मार्गदर्शन दिलाना और सभी रचनाओं में समता एवं रोचकता बनाए रखना बड़ी चुनौती थी। उन्होंने कहा कि संपादक मंडल के अथक प्रयासों से दो वर्ष की मेहनत के बाद यह पुस्तक पाठकों को सौंपी गई है।
विशिष्ट अतिथि प्रकाश धीमान ने बिलासपुर के साहित्यकारों की एकजुटता और सक्रियता की सराहना की। डॉ. लेख राम शर्मा ने कहा कि कल्याण कला मंच के साहित्य सृजन के सार्थक प्रयासों से समाज और बाल साहित्य को नई दिशा मिलेगी। जिला भाषा अधिकारी नीलम चंदेल ने बाल साहित्यकारों को इस अनुपम कृति के प्रकाशन के लिए बधाई दी।
मुख्य अतिथि पवन चौहान ने साझा बाल कविता संग्रह में शामिल सभी उपस्थित रचनाकारों को पुष्पहार एवं पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कल्याण कला मंच के साहित्य सृजन के साथ-साथ सामाजिक बुराइयों के खिलाफ किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ‘रंग बिरंगे फूल’ प्रदेश में अपनी तरह का अनूठा प्रयास है। उन्होंने उम्मीद जताई कि संग्रह में शामिल कविताएं बच्चों के बीच लोकप्रिय होंगी।











