क्षेत्रीय सह सुविधा एवं अनुसंधान केंद्र बचाओ संघर्ष समिति की भूख हड़ताल 21वें दिन में, जल्द होंगी बड़ी रैलियां और सामूहिक उपवास

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सुरभि न्यूज़

जोगिंदरनगर, 9 सितंबर।

क्षेत्रीय सह सुविधा एवं अनुसंधान केंद्र (RCFC) बचाओ संघर्ष समिति की ओर से संस्थान को जोगिंदरनगर से स्थानांतरित किए जाने के विरोध में चल रही भूख हड़ताल बुधवार को 21वें दिन में प्रवेश कर गई। बुधवार को किसान सभा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भूख हड़ताल पर बैठकर आंदोलन को समर्थन दिया।

भूख हड़ताल पर चलहारग पंचायत के वार्ड सदस्य एवं सेवानिवृत्त वरिष्ठ फोरमैन कर्म सिंह चौधरी, चलहारग पंचायत के सेवानिवृत्त कनिष्ठ अभियंता अमर सिंह चौधरी, बिहूँ पंचायत के आदित्य बिष्ट तथा कस पंचायत के मयंक बैठे।

इससे पहले मंगलवार को हराबाग से कर्म चंद, नौहली से चेत राम व संजय कुमार तथा बिहूँ पंचायत से सुरेंद्र ठाकुर ने भूख हड़ताल में भाग लिया था।

इस दौरान रोटेरियन अजय ठाकुर, सेवानिवृत्त एक्सईएन कृपाल ठाकुर, सेवानिवृत्त एसडीओ बृज गोपाल अवस्थी, एसडीओ शेर सिंह ठाकुर, सेवानिवृत्त अधीक्षक भूपेंद्र ठाकुर, रोटेरियन राम लाल वालिया, सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार रतन सिंह तथा जिला परिषद सदस्य कुशाल भारद्वाज भी मौजूद रहे।

संघर्ष समिति के वरिष्ठ नेताओं रोटेरियन अजय ठाकुर, कृपाल ठाकुर और कर्म चंद ने कहा कि जब तक RCFC को जोगिंदरनगर से स्थानांतरित करने की अधिसूचना रद्द नहीं की जाती, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में आंदोलन को हर गांव और पंचायत तक पहुंचाया जाएगा तथा विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी रैलियां आयोजित की जाएंगी।

बृज गोपाल अवस्थी, शेर सिंह ठाकुर और कुशाल भारद्वाज ने कहा कि यह लड़ाई केवल एक संस्थान को बचाने की नहीं है, बल्कि जोगिंदरनगर सहित मंडी और कांगड़ा के बड़े क्षेत्र की जनता के हितों से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि RCFC के लिए उपयुक्त स्थान से संस्थान को हटाना क्षेत्र की जनता के साथ भेदभाव है।

जिला परिषद सदस्य कुशाल भारद्वाज ने संघर्ष समिति के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि भूख हड़ताल को मजबूती देने के लिए जल्द ही अलग-अलग स्थानों पर सामूहिक उपवास आयोजित किए जाएंगे। साथ ही विभिन्न जोन में बड़ी रैलियां भी निकाली जाएंगी।

संघर्ष समिति ने केंद्र और प्रदेश सरकार से मांग की कि मामले में तत्काल हस्तक्षेप करते हुए RCFC को जोगिंदरनगर से स्थानांतरित करने की अधिसूचना रद्द की जाए।

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