सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, फरीदाबाद : 15 सितंबर
राजभाषा कार्यान्वयन में उत्कृष्ट योगदान के लिए गृह मंत्रालय ने किया सम्मानित, मुंबई में आयोजित समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की अध्यक्षता
एनएचपीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेन्द्र गुप्ता की अध्यक्षता में संचालित नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (कार्यालय), फरीदाबाद को राजभाषा कार्यान्वयन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए ‘सर्वश्रेष्ठ राजभाषा शील्ड एवं प्रमाण-पत्र’ से सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान हिंदी दिवस-2026 एवं छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के अवसर पर मुंबई, महाराष्ट्र में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया। समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने की।
इस अवसर पर एनएचपीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक तथा नराकास (कार्यालय), फरीदाबाद के अध्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता ने कहा कि राजभाषा का सम्मान तभी सार्थक है, जब हिंदी विचारों के साथ-साथ दैनिक कार्यों में भी दिखाई दे। उन्होंने कहा कि हिंदी में काम करना कार्यक्षमता के साथ राष्ट्रीय प्रतिबद्धता को भी अभिव्यक्त करता है।
उन्होंने इस उपलब्धि के लिए नराकास (कार्यालय), फरीदाबाद से जुड़े सभी सदस्य कार्यालयों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के योगदान की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।
54 सदस्य कार्यालयों के समन्वित प्रयासों का परिणाम
नराकास (कार्यालय), फरीदाबाद की ओर से यह सम्मान नवीन कुमार जैन, कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन), एनएचपीसी तथा संजीव कुमार, महाप्रबंधक (राजभाषा) एवं सदस्य सचिव, नराकास (कार्यालय), फरीदाबाद ने राजभाषा सचिव, गृह मंत्रालय, भारत सरकार अंशुली आर्या से ग्रहण किया।
उल्लेखनीय है कि नराकास (कार्यालय), फरीदाबाद का संचालन वर्ष 2009 से एनएचपीसी लिमिटेड की अध्यक्षता में किया जा रहा है। वर्तमान में समिति के अंतर्गत 54 सदस्य कार्यालय हैं। इन कार्यालयों में राजभाषा नीति के प्रभावी कार्यान्वयन तथा हिंदी के प्रचार-प्रसार से संबंधित दायित्वों का समन्वित रूप से निर्वहन किया जा रहा है।
समारोह के दौरान एनएचपीसी सलाल पावर स्टेशन की अध्यक्षता में संचालित नराकास रियासी को ‘उत्कृष्ट नराकास’ तथा एनएचपीसी सुबनसिरी लोअर जलविद्युत परियोजना की अध्यक्षता में संचालित नराकास धेमाजी को ‘प्रशंसनीय नराकास’ श्रेणी में सम्मानित किया गया।
यह सम्मान एनएचपीसी के नेतृत्व में विभिन्न क्षेत्रों में राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन और प्रचार-प्रसार के लिए किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित करता है।











