सुरभि न्यूज़
रविंदर चंदेल, बिलासपुर
जिला बिलासपुर के घुमारवीं निवासी प्रख्यात लोक नृत्यांगना फुलां चंदेल के निधन से हिमाचली लोक कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में शोक की लहर है। उनके निधन को लोक संस्कृति के लिए अपूरणीय क्षति बताते हुए जिला भाषा एवं संस्कृति विभाग तथा साहित्यकारों, लोक कलाकारों और कला प्रेमियों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है।
फुलां चंदेल का भाषा एवं संस्कृति विभाग, बिलासपुर के साथ लंबे समय से आत्मीय और गहरा जुड़ाव रहा। विभाग की ओर से आयोजित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं आयोजनों में उन्होंने सक्रिय भागीदारी निभाई। अपनी प्रभावशाली कला के माध्यम से उन्होंने हिमाचली लोक संस्कृति की समृद्ध परंपराओं को मंच पर जीवंत किया और दर्शकों को प्रदेश की लोक विरासत से परिचित करवाया।
जिला भाषा अधिकारी नीलम चंदेल ने फुलां चंदेल के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वे केवल एक कुशल लोक नृत्यांगना ही नहीं थीं, बल्कि हिमाचली लोक परंपराओं की जीवंत धरोहर थीं। उन्होंने अपनी कला के माध्यम से लोक संस्कृति को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि बदलते समय में पारंपरिक लोक कलाओं के संरक्षण और संवर्धन की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। ऐसे दौर में फुलां चंदेल जैसे कलाकारों का योगदान और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। उन्होंने अपनी कला-साधना के माध्यम से हिमाचली लोक संस्कृति को समृद्ध करने और उसकी परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए उल्लेखनीय कार्य किया, जिसे लंबे समय तक याद किया जाता रहेगा।
फुलां चंदेल का हिमाचली लोक नृत्य और लोक संस्कृति के क्षेत्र में विशेष योगदान रहा। उनकी कला में हिमाचल की पारंपरिक संस्कृति, लोक जीवन और सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई देती थी। सरल व्यक्तित्व और सांस्कृतिक समर्पण के साथ उन्होंने लोक कला को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया और अनेक मंचों पर हिमाचली संस्कृति की पहचान को मजबूती प्रदान की।
उनके निधन से हिमाचली लोक कला एवं संस्कृति, लोक नृत्य के क्षेत्र तथा भाषा एवं संस्कृति विभाग, बिलासपुर को अपूरणीय क्षति हुई है। उनके द्वारा की गई कला-साधना और लोक संस्कृति के संरक्षण के लिए किए गए प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।
इस दुःखद अवसर पर जिला भाषा अधिकारी नीलम चंदेल सहित जिला बिलासपुर के साहित्यकारों, लोक कलाकारों और कला प्रेमियों ने दिवंगत फुलां चंदेल को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार, परिजनों, मित्रों और उनके असंख्य शुभचिंतकों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
फुलां चंदेल की कला-साधना, सरल व्यक्तित्व और हिमाचली लोक संस्कृति के प्रति उनका समर्पण सदैव सांस्कृतिक स्मृतियों में जीवित रहेगा।











