सुरभि न्यूज़
जोगिंदर नगर, 30 सितंबर
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की जोगिंदर नगर लोकल कमेटी ने बुधवार को गांधी पार्क में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जवाबदेह ठहराने, उन्हें पद से हटाने तथा उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग उठाई। साथ ही मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) की प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग भी की गई। धरने में माकपा के मंडी जिला सचिव कुशाल भारद्वाज, लोकल कमेटी सचिव रविंदर कुमार, सुदर्शन वालिया, नरेश धरवाल, केहर सिंह वर्मा, जिला परिषद सदस्य शिवानी ठाकुर, जय सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इस अवसर पर कुशाल भारद्वाज ने कहा कि इंडियन एक्सप्रेस में 23 सितंबर को प्रकाशित SIR से संबंधित रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों ने मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के साथ-साथ चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि CPI(M), अन्य विपक्षी दलों और नागरिक समाज संगठनों ने SIR प्रक्रिया शुरू होने के समय से ही इससे जुड़ी विभिन्न चिंताएं उठाई हैं।
भारद्वाज के अनुसार, सामने आई रिपोर्टों में दावा किया गया है कि तीन चुनाव आयुक्तों में से दो ने मतदाता सूची में संशोधन और SIR से जुड़े कई फैसलों पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार चुनाव आयुक्तों की भूमिका समान है और मतभेद की स्थिति में निर्णय निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बहुमत या सर्वसम्मति से होना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपने साथी चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों की अनदेखी करते हुए अपनी राय को प्राथमिकता दी। उनके मुताबिक, ये मतभेद मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने तथा SIR को लागू करने के तौर-तरीकों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों से जुड़े हैं।
कुशाल भारद्वाज ने कहा कि माकपा का आरोप है कि चुनाव आयोग द्वारा प्रक्रिया को पारदर्शी और विकेंद्रीकृत बताए जाने के बावजूद व्यवस्था में अत्यधिक केंद्रीकरण हुआ है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी SIR के दौरान तकनीक पर अत्यधिक निर्भरता और नोटिस जारी करने के कथित “यांत्रिक” तरीके को लेकर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयुक्तों द्वारा उठाए गए सवाल केवल SIR प्रक्रिया तक सीमित नहीं हैं, बल्कि चुनाव आयोग की संस्थागत निष्पक्षता, लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली, चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार की सुरक्षा से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि माकपा के अनुसार चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को लेकर उठे सवालों के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
माकपा लोकल कमेटी सचिव रविंदर कुमार ने कहा कि पार्टी SIR प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग करती है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली को बहाल करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।
उन्होंने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की भी मांग की। रविंदर कुमार ने कहा कि संबंधित कानून में बदलाव कर नई व्यवस्था बनाई जानी चाहिए और इसके लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुझाई गई उस व्यवस्था को अपनाया जाना चाहिए, जिसमें प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश वाली चयन समिति के माध्यम से चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति का प्रावधान हो।
धरना-प्रदर्शन के दौरान माकपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता सुनिश्चित करने तथा SIR प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग दोहराई।










