मनाली, बंजार और आनी में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पहुंची केंद्रीय टीम, नुकसान का लिया जायजा

Listen to this article

मनाली, बंजार और आ
सुरभि न्यूज़ / प्रताप अरनोट, कुल्लू

कुल्लू, 30 सितंबर। मानसून के दौरान भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से जिला कुल्लू में हुए नुकसान का स्थलीय आकलन करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा गठित अंतर-मंत्रालय केंद्रीय टीम ने बुधवार को दौरे के दूसरे दिन मनाली, बंजार और आनी क्षेत्रों के विभिन्न आपदा प्रभावित स्थलों का निरीक्षण किया।

केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एम. रामचंद्रुडु के नेतृत्व में पहुंची छह सदस्यीय टीम ने क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं, भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों, मत्स्य पालन केंद्रों और अन्य क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों का जायजा लिया। टीम ने मौके पर नुकसान की स्थिति और आपदा से प्रभावित जनजीवन का आकलन किया।

केंद्रीय टीम ने सबसे पहले ओल्ड मनाली में वर्ष 2025 की आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त पेयजल योजना का निरीक्षण किया। इसके बाद टीम ने सोलंग गांव पहुंचकर भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में हुए नुकसान की स्थिति देखी। टीम ने पतलीकूहल स्थित ट्राउट फार्म का भी निरीक्षण किया और मत्स्य पालन से जुड़ी परिसंपत्तियों को हुए नुकसान का आकलन किया।

इसके अतिरिक्त टीम ने बंजार क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन से प्रभावित परिसंपत्तियों का निरीक्षण किया। वहीं आनी क्षेत्र के खनाग के डीम्ड में भी टीम ने भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर नुकसान की स्थिति का जायजा लिया।

गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एम. रामचंद्रुडु ने बताया कि मानसून सीजन के दौरान प्राकृतिक आपदाओं से विभिन्न क्षेत्रों में हुए नुकसान का स्थलीय आकलन करने के लिए केंद्र सरकार ने अंतर-मंत्रालय केंद्रीय टीम का गठन किया है। टीम ने हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिलों के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया है।

उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों, क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं, सड़कों और मकानों, भूमि धंसाव से प्रभावित स्थानों, विद्युत व्यवस्था, मत्स्य पालन केंद्रों तथा कृषि एवं बागवानी क्षेत्रों को हुए नुकसान का जायजा लिया गया है।

उन्होंने कहा कि स्थलीय निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य आपदा से प्रभावित परिसंपत्तियों और जनजीवन पर पड़े प्रभाव की वास्तविक स्थिति का आकलन करना है। हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से आपदा से हुए नुकसान की समग्र रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद अंतर-मंत्रालय केंद्रीय टीम उसका आकलन करेगी।

इसके उपरांत राहत एवं सहायता से संबंधित सिफारिशें केंद्र सरकार को भेजी जाएंगी। उन्होंने कहा कि विभिन्न जिलों में किए गए स्थलीय निरीक्षण और राज्य सरकार की ओर से प्रस्तुत नुकसान की रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

केंद्रीय टीम में गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एम. रामचंद्रुडु के अलावा जल शक्ति मंत्रालय के निदेशक प्रकाश चंद, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के निदेशक डॉ. सुभाष चंद्र, ग्रामीण विकास मंत्रालय के निदेशक रामावतार मीणा, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के कार्यकारी अभियंता शाश्वत महापात्रा तथा वित्त मंत्रालय के उप निदेशक कनव दुआ शामिल रहे।
इसके अतिरिक्त भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र, हैदराबाद के वैज्ञानिक डॉ. श्री शशिवर्धन रेड्डी भी टीम का हिस्सा रहे।

दौरे के दौरान हिमाचल प्रदेश सरकार के अतिरिक्त सचिव (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन) सुनील वर्मा, एडीएम सुरजीत राठौर, एसडीएम मनाली गुंजीत चीमा सहित आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी भी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *