सुरभि न्यूज़
गुरुग्राम, 01 अक्तूबर (नेहा अरोड़ा)
के. आर. मंगलम विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इमर्जिंग मीडिया एंड क्रिएटर इकोनॉमी (एसईएमसीई) द्वारा हाल ही में ‘राष्ट्र निर्माण में मीडिया की भूमिका’ विषय पर एक विशेष विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को मीडिया के बदलते स्वरूप, जिम्मेदार पत्रकारिता और राष्ट्र निर्माण में उसके योगदान से अवगत कराना था।
कार्यक्रम में विश्व संवाद केंद्र के वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक राजेश शांडिल्य और भोंडसी के अधिवक्ता एवं जिला प्रचार प्रमुख तरुण सिंह ने बतौर विशेष वक्ता शिरकत की। वक्ताओं ने वर्तमान डिजिटल दौर में पत्रकारिता की जिम्मेदारियों, प्रामाणिक व विश्वसनीय सूचनाओं के प्रसारण और समाज पर मीडिया के व्यापक प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की।
तथ्यों की शुद्धता और नैतिक मूल्यों पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार राजेश शांडिल्य ने कहा कि आधुनिक डिजिटल युग में मीडिया का दायरा केवल सूचनाएं प्रसारित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जन-जागरूकता, सामाजिक मुद्दों को मुखर करने और समाज में सकारात्मक संवाद स्थापित करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों को पत्रकारिता में सत्यनिष्ठा, तथ्यात्मक शुद्धता और नैतिक मूल्यों का पालन करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही, उन्होंने ‘विश्व संवाद केंद्र’ के उद्देश्यों और उसकी कार्यप्रणाली पर भी प्रकाश डाला।
सेवा संकल्प और सकारात्मक बदलाव का माध्यम
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार सैनी ने अपने संबोधन में कहा, “जिम्मेदार और तथ्यपरक पत्रकारिता के माध्यम से युवा समाज में सार्थक बदलाव और जागरूकता ला सकते हैं। विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक दृष्टिकोण से जोड़ने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।”
विद्यार्थियों और विशेषज्ञों के बीच सीधा संवाद
व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों को वक्ताओं से सीधे संवाद करने का बेहतरीन अवसर मिला। विद्यार्थियों ने पत्रकारिता की नैतिकता, सोशल मीडिया की भूमिका और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर सवाल पूछे, जिनका वक्ताओं ने अपने अनुभवों के आधार पर संतोषजनक उत्तर दिया।
एसईएमसीई के डीन प्रो. (डॉ.) अमित चावला के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम के समन्वयक सहायक प्राध्यापक डॉ. मानव शर्मा रहे। इस अवसर पर पूर्ति शर्मा, तान्या, मेहुल, अमन देव, रिवा पाल और पल्लवी शुक्ला सहित अन्य संकाय सदस्य एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसका सफलतापूर्वक समापन किया गया।












