सुरभि न्यूज़
भोटा, हमीरपुर
भारतीय आर.एम.एस. एवं एम.एम.एस. एम्पलॉईज एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश R-III एवं R-IV की द्वितीय सर्कल कॉन्फ्रेंस बुधवार को भोटा, हमीरपुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। अधिवेशन के दौरान संगठनात्मक गतिविधियों, कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों और संगठन को मजबूत करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
अधिवेशन में आगामी दो वर्षों के लिए नई सर्कल कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन किया गया। R-III की नई कार्यकारिणी में अंकुश वर्मा को सर्कल सचिव तथा राकेश को अध्यक्ष चुना गया। वहीं R-IV की कार्यकारिणी में अश्वनी कुमार को सर्कल सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई।
इस अवसर पर भारतीय आर.एम.एस. एवं एम.एम.एस. एम्पलॉईज एसोसिएशन R-III के राष्ट्रीय महामंत्री राजेश कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने संगठन की आगामी कार्ययोजना और कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखते हुए पदाधिकारियों एवं सदस्यों का मार्गदर्शन किया। इस दौरान संगठनात्मक मजबूती और कर्मचारियों के हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
अधिवेशन में मनोज पटियाल, मनीष, ऑडिटर राष्ट्रीय कार्यकारिणी BPEA ग्रुप-C, विक्रांत नड्डा, मंडल सचिव BPEA ग्रुप-C हमीरपुर मंडल, भारतीय ग्रामीण डाक कर्मचारी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लक्ष्मी दत्त शर्मा तथा दीपक कुमार, सर्किल सचिव BPEA पोस्टमैन एमटीएस संघ हिमाचल प्रदेश सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
इस दौरान प्रवीण कुमार सलूरिया, सर्किल सचिव भारतीय पोस्टल एम्पलॉईज एसोसिएशन ग्रुप-C हिमाचल प्रदेश सर्किल ने आर.एम.एस. के अधिवेशन में बतौर अतिथि आमंत्रित किए जाने पर संगठन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अधिवेशन कर्मचारियों को एकजुट करने और संगठनात्मक गतिविधियों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अधिवेशन के समापन पर नव-निर्वाचित सभी पदाधिकारियों को संगठन की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत करने, कर्मचारियों के हितों के लिए प्रभावी ढंग से कार्य करने और संगठन की गतिविधियों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लिया।
ग्रामीण डाक कर्मचारियों ने टारगेट के बोझ के खिलाफ जताई नाराजगी, टारगेट के बोझ से टूट रहे ग्रामीण डाक कर्मचारी : संघ
अंब (ऊना)। अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ की ऊना इकाई की बैठक अंदौरा में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता यूनियन सचिव जगतार सिंह ने की। इस दौरान ग्रामीण डाक कर्मचारियों ने डाक विभाग की ओर से दिए जा रहे विभिन्न टारगेट को लेकर कड़ा विरोध जताया और इन्हें तुरंत प्रभाव से बंद करने की मांग उठाई।
यूनियन सचिव जगतार सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार में संचार राज्य मंत्री ग्रामीण डाक कर्मचारियों को डाक विभाग की रीढ़ की हड्डी बताते हैं, लेकिन वर्तमान में कर्मचारियों पर लगातार टारगेट का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि टारगेट के नाम पर कर्मचारियों पर दबाव बढ़ाया जा रहा है, जिससे वे मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण डाक कर्मचारियों की कागजों में ड्यूटी भले ही पांच घंटे की निर्धारित हो, लेकिन व्यवहार में वे 24 घंटे किसी न किसी रूप में विभागीय कार्यों से जुड़े रहते हैं। इसके बावजूद आईपीपी खातों सहित अन्य पीएसओबी खातों के लक्ष्य दिए जा रहे हैं, जिन्हें पूरा करने का दबाव कर्मचारियों की परेशानी बढ़ा रहा है।
जगतार सिंह ने आरोप लगाया कि कर्मचारियों पर लगातार लक्ष्य थोपे जाने से उनमें असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस समस्या को ऊना प्रवास के दौरान डाक विभाग के मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल के समक्ष भी उठाया गया है। कर्मचारियों ने उम्मीद जताई कि विभाग उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए टारगेट आधारित दबाव को कम करने के लिए ठोस कदम उठाएगा।
बैठक में संघ की ओर से यह भी दावा किया गया कि विभाग में लंबे समय से सेवाएं दे रहे कई ग्रामीण डाक कर्मचारी मौजूदा परिस्थितियों से परेशान होकर सामूहिक रूप से वीआरएस लेने पर विचार कर रहे हैं। कर्मचारियों ने विभाग से उनकी कार्य परिस्थितियों और समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने की मांग की।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में डाक सेवाओं को सुचारु बनाए रखने में ग्रामीण डाक कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव डालने के बजाय उनकी व्यावहारिक समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। बैठक में रेशम सिंह, महेश कपिला, बलविंद्र कुमार, मोहनलाल, शिवकुमार, गुरदीप सिंह सहित अनेक ग्रामीण डाक कर्मचारी मौजूद रहे।











