सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, चंडीगढ़/भिवानी
हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी द्वारा वर्ष 2023 के लिए कहानी, निबंध और नाटक प्रतियोगिताओं के साथ-साथ पाण्डुलिपि प्रकाशन प्रोत्साहन और श्रेष्ठ कृति पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। परिणामों की घोषणा से भिवानी का प्रसिद्ध ‘कलाकार कुणबा’ पूरे प्रदेश में चर्चा का केंद्र बन गया है। ‘कलाकार कुणबा’ के नाम से विख्यात आनन्द प्रकाश ‘आर्टिस्ट’ के पूरे परिवार ने विभिन्न श्रेणियों में कुल चार पुरस्कार जीतकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
‘कलाकार कुणबा’ के मुखिया एवं वरिष्ठ साहित्यकार आनन्द प्रकाश ‘आर्टिस्ट और उनके परिवार ने अपनी कला और साहित्य साधना का लोहा मनवाते हुए चार पुरस्कार अपने नाम किए। कलाकार कुणबा’ के वर्तमान मुखिया आनन्द प्रकाश ‘आर्टिस्ट’ को हरियाणवी नाटक-संग्रह ‘ताई की तकरार’ को श्रेष्ठ कृति पुरस्कार तथा हरियाणवी नाटक में द्वितीय पुरस्कार से नवाजा गया जबकि हिन्दी कहानी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया। वहीँ हिन्दी नाटक प्रतियोगिता में कलाकार कुणबा’ के युवा सदस्य और आनन्द प्रकाश के ज्येष्ठ पुत्र देवांश खिंची ने हिन्दी नाटक प्रतियोगिता में द्वितीय पुरस्कार हासिल किया।
एक ही परिवार द्वारा चार अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार जीतने की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हरियाणा प्रदेश भर के साहित्यकारों में खुशी की लहर है। प्रदेश के कई वरिष्ठ और प्रतिष्ठित साहित्यकारों ने आनन्द प्रकाश ‘आर्टिस्ट’ और उनके परिवार को बधाई दी है।
प्रदेश के वरिष्ठ साहित्यकारों में हरियाणा साहित्य अकादमी के बाबू बालमुकंद गुप्त सम्मान से अलंकृत प्रो. रूपदेवगुण (सिरसा), डॉ. इन्दु गुप्ता (फरीदाबाद), हरीश सेठी ‘झिलमिल’ (सिरसा), विजय कुमार (अम्बाला), आर.डी. पारस (महेन्द्रगढ़), डॉ. संजीव कुमारी (हांसी), बलवान सिंह (भिवानी), बलदेव राज भारतीय (साढोरा), नितिन वालिया (लोहारू), कालीपुत्र राजेश कौल (भिवानी), राजबाला उर्फ बबली (महेन्द्रगढ़), मनीषा नान्दल (पंचकूला), महेन्द्र जैन (हिसार) और डॉ. तेजिन्द्र (कैथल) सभी ने आनन्द प्रकाश ‘आर्टिस्ट’ और उनके परिवार को बधाई दी है।
इस शानदार सफलता पर आनन्द प्रकाश ‘आर्टिस्ट’ और उनकी धर्मपत्नी सुनीता आनन्द ने बधाई देने वाले सभी लोगों एवं साहित्यकारों का हृदय से आभार व्यक्त किया है। इसके साथ ही उन्होंने अन्य सभी पुरस्कृत साहित्यकारों को भी बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
उन्होंने हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, अकादमी के कार्यकारी उपाध्यक्ष डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री और अकादमी सचिव मंजीत सिंह का भी विशेष आभार जताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री के कुशल मार्गदर्शन में हरियाणा के साहित्यिक और सांस्कृतिक वातावरण को और अधिक समृद्ध बनाने की दिशा में अकादमी के ये सराहनीय प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।











