हिमाचल प्रदेश में छोटे वाहनों की पार्किंग में लिए जाने वाले शुल्क की भारी लूट मची हुई है। प्रदेश में सभी जिला में छोटे वाहनों की पार्किंग शुल्क अपने अपने हिसाब से मनमाने तौर पर बसुले जा रहे है। यह पार्किंग स्थल निजी, सरकारी व गैर सरकारी विभागों, नगर निगमों तथा नगर कमेटियों द्वारा चलाई जा रही है। कई पर्किंगों को निजी क्षेत्र में ठेके पर ठेकेदारों को दे दी गयी है जो अपने मनमाने पार्किंग शुल्क बसूल रहे है जो लोगों की जेबों में डाका डाल रहे है। यह भी देखा गया है कि ज्यादातर पार्किंग स्थल निजी क्षेत्र में बड़े बड़े नेताओं द्वारा उनके खास रिश्तेदारों व रिश्तेदारों द्वारा चलाई जा रहे है जिससे इन पार्किंग स्थलों में भारी मात्रा में शुल्क वसूला जाता है।
उल्लेखनीय है कि र लोगों को जीवन में डाका डाला जा रहा है अवसर देखा गया है कि अगर गाड़ी 1 घंटे के लिए खड़ी करनी हो तब भी शुल्क उतना लिया जाता है और 8 घंटे के लिए खड़ी करनी हो तब भी शुल्क उतना ही लिया जाता है जिससे लोगों को भारी आर्थिक हानिका नुकसान जालना पड़ रहा है आने का प्रदेश में जितने भी त्यौहार या उत्सव बनाए जाते हैं उसमें पार्किंग में भारी मात्रा में वहां आते हैं वाहनों से बाहर मालिकों से पार्किंग चलने वाले अपने मनमाने शुल्क वसूल किया जाता है अभी कुल्लू में दशहरा उत्सव 11 21 में से 21 अक्टूबर से 21 अक्टूबर से शुरू होने वाला है जिसमें लाखों गाड़ियां में आएंगे जिससे पार्किंग वालों को भारी मुनाफा कामना मुनाफा होगा कुल्लू में भी सरकारी विभागों एवं निजी क्षेत्र में पार्किंग बंद पार्किंग में चलाई जाए जा रही है जिसमें एक गाड़ी का शुल्क ₹100 किया जाता है बाल बांध चालकों का कहना है कि कोई भी वहां 1 घंटे भी खड़ा किया जाए तो उससे भी ₹100 लिया जाता है जबकि 8 घंटे खड़ा किया जाए तब भी उसका ₹100 पीएम चला जाता है परंतु होना यह चाहिए था कि घंटे के हिसाब से वहां ऑन को पार्किंग करने का शुल्क लेना चाहिए जिससे बाल धारकों को आर्थिक नुकसान ना उठाना पड़े पार्किंग पार्किंग का चार्ज चार्ज शुल्क 1 घंटे या घंटे के हिसाब से तय होना चाहिए जैसे की 1 घंटे का शुल्क 8 घंटे तक एक होना चाहिए जबकि आठ से ऊपर पार्किंग होने वाले वाहनों का लक्ष्य शुल्क तय होना चाहिए जैसे की 8 घंटे से ऊपर 12 घंटे 18 घंटे वह 24 घंटे का निर्धारण होना चाहिए जबकि एक से 8 घंटे तक प्रति घंटे के हिसाब से शुल्क तय होना चाहिए जिससे कि वाहन चालकों का आर्थिक नुकसान ना हो









